यूपी की योगी सरकार ने स्मार्ट बिजली मीटर बंद किए… भारी शिकायतों के कारण पुराने मीटर लौटे… छत्तीसगढ़ में भी बिजली अफसर चौंके, पर अभी विचार नहीं
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की भाजपा सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर की अनिवार्यता और प्रीपेड व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त (वापस) कर दिया है। यूपी के ऊर्जा मंत्री ने इसकी घोषणा की थी और अब व्यावहारिक तौर पर सारे स्मार्ट बिजली मीटरों को पुराने मीटर में बदल दिया है। लगातार तकनीकी गड़बड़ियों और उपभोक्ताओं के भारी विरोध के कारण सरकार ने यह यू-टर्न लिया है। छत्तीसगढ़ में भी लाखों की संख्या में स्मार्ट मीटर लगे हैं। यहाँ बिजली महकमा इस योजना को वापस नहीं ले रहा है, लेकिन उत्तरप्रदेश सरकार के फ़ैसले ने छत्तीसगढ़ के आला बिजली अफसरों को चौंकाया है।
उत्तरप्रदेश में अब सभी स्मार्ट मीटर अनिवार्य प्रीपेड के बजाय पोस्टपेड मोड पर चलेंगे। उपभोक्ता पहले बिजली इस्तेमाल करेंगे और बाद में उसका बिल भरेंगे। नए नियमों के तहत हर महीने की 10 तारीख तक उपभोक्ताओं को बिजली का बिल भेज दिया जाएगा। बिल की जानकारी उपभोक्ताओं को उनके मोबाइल पर एसएमएस (SMS) और व्हाट्सऐप से मिलेगी।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग के ताजा आदेश के अनुसार, अब उपभोक्ताओं को प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर चुनने की पूरी आजादी होगी। बिजली कंपनियां अपनी मनमानी नहीं थोप पाएंगी। बैलेंस खत्म होते ही अचानक बिजली कटने का डर अब खत्म हो गया है, क्योंकि अब नियमों में ढील देकर बफर पीरियड और किस्तों में भुगतान की सुविधा भी शामिल की गई है।



