बारनवापारा जंगल बंद हुए 10 दिन भी नहीं बीते और 3 चीतलों की लाश मिली… तीनों के गले में गहरी चोटें, वनमंत्री ने बैठाई जांच
बारनावापारा अभयारण्य को बारिश के सीजन में बंद हुए 10 दिन ही बीते हैं कि तीन दिन पहले एक साथ तीन चीतलों की लाश मिलने से पूरे महकमे में खलबली मची हुई है। तीनों चीतलों के पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में चीतलों के गले और आसपास जख्म मिले हैं। वन अफसरों का कहना है कि आपस के हिंसक संघर्ष में मौत हो सकती है। इधर, वनमंत्री केदार कश्यप ने चीतलों की मौत की जांच के आदेश देते हुए कहा है कि ऐसे मामलों में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकृत जानकारी के अनुसार 7 जुलाई को बारनावापारा वन परिक्षेत्र के पकरीद बीट के रामपुर चारागाह में वन विभाग की टीम को नियमित गश्त के दौरान दो नर चीतल मृत अवस्था में मिले। पोस्टमार्टम में प्रथमदृष्टया दोनों चीतलों के गले पर चोट के निशान पाए गए। अगले दिन, 8 जुलाई को इसी क्षेत्र में एक अन्य चीतल मृत मिला। प्रारंभिक जांच में उसके गले परभी चोट के स्पष्ट निशान पाए गए। घटनास्थल पर चीतल के सभी अंग, सींग और खाल सुरक्षित मिले। घटना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी है। वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए घटनास्थल पर ट्रैप कैमरा लगाया गया है। साथ ही वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में अनावश्यक हस्तक्षेप किए बिना लगातार निगरानी की जा रही है। वन अफसरों को लगता है कि आपसी संघर्ष में चीतलों की मौत हुई, लेकिन सबको पोस्टमार्टम का इंतज़ार है। बारनवापारा में



