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अमेरिका-ईरान के बीच 21 घंटे चली बातचीत नाकाम… थोड़ी देर पहले यूएस उपराष्ट्रपति वेंस ने की पुष्टि… युद्ध भड़कने का खतरा

अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के विफल हो गई है। करीब 21 घंटे तक चली तीन दौर की मैराथन बातचीत के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार, 12 अप्रैल को कुछ देर पहले पुष्टि की कि दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं हो सका है। कोई साझा रास्ता नहीं निकलने के कारण अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के इस्लामाबाद से खाली हाथ वापस लौट रहा है। वार्ता विफल होने के बाद मध्य पूर्व (Middle East) में सीजफायर और स्थिरता को लेकर फिर से खतरा बढ़ गया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है। अमेरिका की मुख्य शर्त थी कि ईरान अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को पूरी तरह बंद कर दे, जिसे ईरान ने स्वीकार करने से इनकार कर दिया। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर ‘टोल’ (tax) वसूलने और अपनी सैन्य बढ़त को बनाए रखने पर ईरान अड़ा रहा। ईरान ने अपनी फ्रीज की गई अंतरराष्ट्रीय संपत्ति को तुरंत रिलीज करने की मांग की थी। ईरान ने यह शर्त रखी थी कि लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले रुकने चाहिए, लेकिन सैन्य कार्रवाई जारी रही।

वार्ता विफल होते ही अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने होर्मुज जलडमरूमध्य में माइंस (बारूदी सुरंगें) हटाने का ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इसके लिए USS Frank E. Petersonऔर USS Michael Murphy जैसे विध्वंसक जहाजों को तैनात किया गया है। पाकिस्तान ने इस वार्ता की मेजबानी की थी, लेकिन खबरों के मुताबिक दोनों पक्षों को गुमराह करने की पाकिस्तान की कोशिशें बेनकाब हो गई हैं।

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