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कवर्धा लोहा खदान प्रीमियम से डेढ़ गुना हाई रेट पर नीलाम… विख्यात उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल की कंपनी आर्सेलर मित्तल के नाम हुई

छत्तीसगढ़ के कवर्धा में लौह अयस्क खदानों की नीलामी ऐतिहासिक प्रीमियम दरों (डेढ़ गुना या अधिक) पर की गई है। कवर्धा जिले के सबसे समृद्ध लौह अयस्क क्षेत्रों में से एक केसदा-एकलामा-चेलिकामा लौह अयस्क ब्लॉक (Kesda-Eklama-Chelikama Iron Ore Block) की सफल नीलामी 117.55% की अंतिम बोली (Final Bid Premium) पर हुई थी। इसका मतलब है कि सरकार द्वारा तय की गई आधार दर की तुलना में कंपनियों ने दोगुने से भी अधिक (लगभग 1.17 गुना अतिरिक्त) प्रीमियम देने का वादा किया है, जिसे आम बोलचाल में डेढ़ गुना से अधिक की ऊंची दर कहा जा रहा है। इस खदान को विख्यात उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल की दिग्गज स्टील उत्पादक कंपनी आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया लि (ArcelorMittal Nippon Steel India Limited) ने अपने नाम किया है।

राज्य के खनिज विभाग द्वारा खनिज ब्लॉकों के आवंटन में पारदर्शिता लाने और राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से लगातार ई-नीलामी (e-auction) प्रक्रिया चलाई जा रही है। कवर्धा का केसदा-एकलामा-चेलिकामा ब्लॉक कुल 755.039 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें लगभग 60.07 मिलियन टन (MT) उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क का भंडार अनुमानित है।

छत्तीसगढ़ सरकार के खनिज साधन विभाग ने छत्तीसगढ़ माइंस पोर्टल से कबीरधाम (कवर्धा) जिले में नए ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया फिर से तेज कर दी है। खारा ए और बी (Khara A & B) ब्लॉक कवर्धा जिले में 301 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है। इस नए लौह अयस्क ब्लॉक के लिए हाल ही में कंपोजिट लाइसेंस (CL) हेतु निविदाएं (NIT) जारी की गई थीं। उच्च गुणवत्ता: इस ब्लॉक में 65% से अधिक Fe (लौह तत्व) की मात्रा वाला हाई-ग्रेड अयस्क मौजूद है। जिसकी वजह से उद्योगपतियों और स्टील कंपनियों के बीच इसे हासिल करने की होड़ मची हुई है। इसके साथ ही जिले के बिरुटोला-नवापारा-सोहागपुर में चूना पत्थर (Limestone) ब्लॉक की भी नीलामी जारी है।

जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) और खनिज विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, कवर्धा के जंगलों (एकलामा परिसर) में मिलने वाले अयस्क में 65% से लेकर 69% तक लौह तत्व (Fe) मौजूद है। आम तौर पर 60% लौह तत्व को अच्छा माना जाता है, लेकिन कवर्धा का अयस्क बैलाडीला और दल्ली-राजहरा के भंडारों से भी अधिक शुद्ध माना गया है। यही कारण है कि कंपनियां इसे डेढ़-दो गुना ऊंची बोलियां लगाकर खरीद रही हैं।

इस पारदर्शी ई-नीलामी प्रणाली और ‘डेढ़ गुना’ से अधिक की ऊंची प्रीमियम दरों के कारण छत्तीसगढ़ सरकार को आने वाले वर्षों में हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त खनिज राजस्व मिलेगा। जिसका उपयोग कबीरधाम जिले के स्थानीय विकास, बुनियादी ढांचे और वनांचल क्षेत्रों के कल्याण के लिए किया जाएगा।

 

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