नया बस्तर : संभाग में बने 6.79 लाख राशनकार्ड, 17 लाख जनधन खाते, 22 लाख आयुष्मान कार्ड, 1.18 लाख लोगों को वन पट्टे… सीएम साय ने विधानसभा में रखे बदलाव के तथ्य
छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार, 15 जुलाई को सीएम विष्णुदेव साय ने नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर में विकास की तस्वीर तथ्यों और आंकड़ों के साथ पेश की है। नक्सलवाद से मुक्ति के लिए उन्होंने सबसे पहले केंद्र सरकार के ऐतिहासिक सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके बाद अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग में केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के लिए विशेष अभियान चल रहा हैं। इसका नतीजा है कि संभाग में अब तक 6 लाख 79 हजार परिवारों के राशन कार्ड बनाए जा चुके हैं। बस्तर में 17 लाख लोगों के जनधन खाते खोले गए हैं। 24 लाख 66 हजार लोगों के आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं। 22 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड भी बने हैं। यही नहीं, बस्तर संभाग में 1 लाख 18 हजार लोगों को व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टे और 3 लाख 89 हजार किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड दिए जा चुके हैं।
सीएम विष्णुदेव साय ने विधानसभा में अपने संबोधन में पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का आभार जताया और कहा कि बस्तर में नक्सलवाद से मुक्ति का अभियान केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके साथ-साथ विकास को भी समान प्राथमिकता दी गई। अब राज्य सरकार का पूरा ध्यान बस्तर के समग्र, समावेशी और दीर्घकालिक विकास पर केंद्रित है। इसके लिए ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ तैयार किया गया है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ तथा ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के अंतर्गत 31 योजनाओं एवं 14 सामुदायिक सुविधाओं का संतृप्तिकरण (सेचुरेशन) मोड में क्रियान्वयन किया जा रहा है। इससे 5 हजार 542 गांवों के 39 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और शासन की सेवाएं अंतिम छोर तक पहुंचेंगी। नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत सुरक्षा कैंपों के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 525 गांवों में 17 विभागों की 43 व्यक्तिगत एवं सामुदायिक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया। इससे ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ एकीकृत रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा शिविरों को अब बहुआयामी सेवा केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत बस्तर के 34 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनका डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किया गया है। बस्तर संभाग में 1 लाख 76 हजार प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए भी 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। संभाग के 240 नक्सल प्रभावित गांवों में पूर्व में बंद पड़े 458 विद्यालयों में से 421 विद्यालयों का पुनः संचालन प्रारंभ किया गया है तथा 36 नए विद्यालय स्वीकृत किए गए हैं।
सीएम साय ने कहा मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर में आधारभूत अधोसंरचना के विस्तार को भी तेज गति से आगे बढ़ा रही है। 3,513 करोड़ रुपये की लागत से जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना पर कार्य जारी है। जगदलपुर में हवाई सेवाओं का भी विस्तार किया गया है, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और बेहतर हुई है। इसी तरह, रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे का निर्माण अंतिम चरण में है। यह परियोजना बस्तर को देश के प्रमुख आर्थिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ेगी। सीएम ने गृहमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप और जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव के विशेष योगदान की सराहना की।



