“सुशासन तिहार” डिजिटल ट्रैकिंग और ई-गवर्नेंस से ज़्यादा सटीक और जनोपयोगी… सीएम साय के नेतृत्व में प्रधान सचिव सुबोध सिंह और टीम का इनोवेटिव एफर्ट
छत्तीसगढ़ में इस बार सुशासन तिहार’ अभियान का पूरा सिस्टम ही नया और ज़्यादा पारदर्शी नज़र आ रहा है। सीएम विष्णुदेव साय के नेतृत्व में उनके प्रधान सचिव आईएएस सुबोध कुमार सिंह और टीम की कड़क प्रशासनिक शैली और पॉलिसी इनोवेशन से राज्य की शासकीय व्यवस्था बदली है। आईएएस सुबोध कुमार सिंह की नीतियों और कड़े रुख के कारण छत्तीसगढ़ में ‘सुशासन तिहार’ केवल एक उत्सव न रहकर जमीनी स्तर पर प्रशासनिक सुधार और सुदृढ़ व्यवस्था (Good Governance) का एक बड़ा जरिया बन गया है।
आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग (बीई और एमई) पृष्ठभूमि होने के कारण IAS सुबोध कुमार सिंह ने फाइलों के निपटारे के लिए डिजिटल ट्रैकिंग और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया। इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है और फाइलों के अटकने की प्रवृत्ति कम हुई है। प्रधान सचिव और टीम ने सुशासन तिहार के दौरान कई प्रशासनिक सुधार भी किए हैं। ‘सुशासन तिहार’ की प्राथमिकताओं को जमीन पर उतारने के लिए राज्य में व्यापक प्रशासनिक सर्जरी की। जिलों के कलेक्टरों से लेकर सचिवालय स्तर तक के 42 से अधिक आईएएस अधिकारियों के विभागों में बड़ा फेरबदल किया गया, जिससे सुस्त पड़ चुके सिस्टम में तेजी आई। सुशासन के कड़े नियमों के तहत सरकारी कर्मचारियों के किसी भी राजनीतिक दल या गतिविधि से सीधे अथवा परोक्ष रूप से जुड़ने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया, जिससे ब्यूरोक्रेसी निष्पक्ष होकर काम कर सके। इसी तरह, 1 मई से 10 जून तक पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन सुनिश्चित किया गया। इन शिविरों की रूपरेखा इस तरह बदली गई कि राशन कार्ड, पेंशन, राजस्व और बिजली से जुड़ी आम जनता की शिकायतों का मौके पर ही त्वरित समाधान किया जा रहा है।



