शराब स्कैम : अंतिम आला अफ़सर निरंजन दास को सुप्रीम कोर्ट से जमानत… छत्तीसगढ़ से बाहर रहने समेत कई सख़्त शर्तें
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब स्कैम में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व आबकारी आयुक्त और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी निरंजन दास को जमानत दे दी है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने सोमवार, 25 मई को यह फैसला सुनाया।सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य आपराधिक मामले और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) के दोनों मामलों में निरंजन दास को यह राहत दी है।
वकीलों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते हुए नोट किया कि मामले के अन्य सह-आरोपी पहले ही जमानत पर बाहर हैं। अभी इस मुकदमे के अंतिम निष्कर्ष (ट्रायल) तक पहुंचने में काफी लंबा समय लगेगा। कोर्ट ने साफ निर्देश दिया है कि निरंजन दास को छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर रहना होगा। वे केवल अदालती सुनवाई या जांच में शामिल होने के लिए ही छत्तीसगढ़ आ सकते हैं।l हालांकि, अदालत ने यह भी जोड़ा कि वे भविष्य में इन शर्तों में ढील देने के लिए दोबारा अपील दायर कर सकते हैं।
बता दें कि निरंजन दास को राज्य की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने 18 सितंबर 2025 को भ्रष्टाचार के मामले में और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 19 दिसंबर 2025 को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था।जांच एजेंसियों के मुताबिक पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल (2019 से 2023) के दौरान छत्तीसगढ़ में करीब ₹2,800 करोड़ से अधिक का शराब घोटाला हुआ था। निरंजन दास पर इस घोटाले का मास्टरमाइंड होने और अवैध सिंडिकेट के फायदे के लिए आबकारी नीति तैयार करने का आरोप लगाया गया है। इससे पहले 1 मार्च को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया को भी इस मामले में जमानत मिल चुकी है।



