देश में सर्वाधिक जंगल छत्तीसगढ़ में फैला… वन क्षेत्र 106 किमी, वृक्ष एरिया 702 किमी बढ़ा… सीएम साय-वनमंत्री कश्यप को श्रेय दिया HOFF श्रीनिवास राव ने

छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा घने वनों के नीचे है, खनिज उत्खनन के लिए वनों को क्षति पहुंचती है, लेकिन प्रदेश के लोगों और वन विभाग ने इस अवधारणा को ही गलत साबित कर दिया है। भारत राज्य वन रिपोर्ट (ISFR-2023) के अनुसार छत्तीसगढ़ ने वन और वृक्ष आवरण क्षेत्र में देश में सबसे ज्यादा 94.75 वर्ग किमी की वृद्धि हुई है। एक और रिपोर्ट बता रही है कि छत्तीसगढ़ में वन 106 वर्ग किमी से अधिक बढ़ा है। इस वृद्धि ने आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और ओड़िशा जैसे वनाच्छादित राज्यों को तो पीछे छोड़ा ही है, छत्तीसगढ़ में ही वनों की यह वृद्धि 2021 की तुलना में भी 0.07% अधिक है। इस तरह, अब छत्तीसगढ़ में वन का एरिया 55,811.75 वर्ग किमी हो गया है। पीसीसीएफ तथा प्रदेश के वन बल प्रमुख (HOFF) वी श्रीनिवास राव ने सीएम विष्णुदेव साय और वनमंत्री केदार कश्यप को बधाई देते हुए कहा कि साय सरकार की नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ का वन अमला यहां जंगल बढ़ाने में सफल हो सकात है।
पीसीसीएफ राव ने बताया कि ISFR 2023 के मुताबिक छत्तीसगढ़ ने वन और वृक्ष आवरण क्षेत्र को मिलाकर 683.62 वर्ग किमी वृद्धि दर्ज की है। यह भी देश के अन्य राज्यों जैसे ओडिशा, राजस्थान और उत्तरप्रदेश से कहीं अधिक है। सिर्फ यही नहीं, प्रदेश की वन संरचना में सुधार भी एक और बड़ी उपलब्धि है। रिपोर्ट के अनुसार, 2021 से 2023 के बीच, छत्तीसगढ़ में बहुत सघन वन (Very Dense Forest) का क्षेत्र 7,068 वर्ग किमी से बढ़कर 7,416.57 वर्ग किलोमीटर हो गया है। यह 348.57 वर्ग की वृद्धि को दर्शाता है। इसी तरह, खुला वन क्षेत्र भी 16,370 वर्ग किमी से 16,411.38 वर्ग किमी हो गया है। वन बल प्रमुख वी. श्रीनिवास राव ने कहा कि सीएम विष्णुदेव साय, वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व एवं एसीएस ऋचा शर्मा के मार्गदर्शन में वन विभाग की समर्पित टीम ने यह उपलब्धि हासिल की है। यह प्रदेश में सामुदायिक वनीकरण कार्यक्रमों एवं मजबूत वन संरक्षण उपायों का परिणाम है। यह उपलब्धि समृद्ध जैव विविधता को संरक्षित करने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का सामना करने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। वन बल प्रमुख राव ने कहा कि ISFR 2023 के नतीजे यह स्पष्ट करते हैं कि छत्तीसगढ़ विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। राज्य का वन विभाग वन क्षेत्र को और बढ़ाने, वन्यजीव आवासों को संरक्षित करने, और आने वाली पीढ़ियों के कल्याण के लिए वनों के महत्व के प्रति जागरुकता फैलाने के अपने मिशन को लेकर प्रतिबद्ध है।



