छत्तीसगढ़

वेदांता हादसे में साय सरकार का बड़ा एक्शन… विख्यात उद्योगपति अनिल अग्रवाल समेत 19 पर केस… अग्रवाल वेदांता ग्रुप के चेयरमैन, देखें पुलिस नोट

छत्तीसगढ़ में सक्ती जिले के सिंघीतराई में वेदांता पावर प्लांट के बायलर ब्लास्ट में 20 श्रमिकों की मौत के मामले में विष्णुदेव साय सरकार ने बड़ा एक्शन जिला है। सक्ती एसपी प्रफुल्ल ठाकुर की अगुवाई में इस मामले में देश के विख्यात उद्योगपति तथा वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत कंपनी के 19 अफसरों-कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। छत्तीसगढ़ में इस लेवल के उद्योगपति के खिलाफ केस रजिस्टर करने का यह संभवतः सबसे बड़ा मामला है। पुलिस ने वेदांता के निदेशक अनिल अग्रवाल, कंपनी के मैनेजर देवेन्द्र पटेल सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ थाना डभरा में अपराध क्रमांक 119/2026, धारा 106 (1), 289, 3 (5) बीएनएस का केस रजिस्टर किया है। इस कार्रवाई की पुष्टि पुलिस की रिलीज से होती है, जो सक्ती जिले में मीडिया के पास है। इस पुलिस नोट में आरोपियों के साथ-साथ हादसे के प्रथमदृष्टया कारणों का उल्लेख है।

पुलिस द्वारा जारी रिलीज जस की तस –

जिला सक्ती के थाना डभरा अंतर्गत ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में दिनांक 14 अप्रैल 2026 को दोपहर 14:33 बजे बायलर–01 में भीषण विस्फोट की घटना घटित हुई, जिसमें भारी जनहानि हुई। घटना की सूचना प्राप्त होते ही कायमीकर्ता थाना प्रभारी निरीक्षक श्री राजेश पटेल तत्काल पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे तथा आवश्यक प्रारंभिक जाँच कार्यवाही की। दुर्घटना में घायल हुए श्रमिकों को उपचार हेतु त्वरित व्यवस्था के तहत रायगढ़ जिले के विभिन्न अस्पतालों—मेडिकल कॉलेज अस्पताल, अपेक्स अस्पताल, मेट्रो अस्पताल एवं अन्य उपचार केंद्रो में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान कुल 20 श्रमिकों की मृत्यु होना पाया गया, जबकि 15 घायल श्रमिकों का उपचार जारी है। स्थानीय प्रशासन द्वारा मृत एवं घायल श्रमिकों के परिवारों को सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

घटनास्थल पर मौजूद बायलर मुख्य निरीक्षक द्वारा प्रस्तुत प्रारंभिक तकनीकी रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि बायलर फर्नेस के भीतर अत्यधिक मात्रा में ईंधन के जमा हो जाने के कारण तेज दबाव उत्पन्न हुआ, जिससे बायलर में विस्फोट हुआ। उत्पन्न दबाव के कारण बायलर का निचला पाइप अपनी निर्धारित स्थिति से हट गया, जिसके परिणामस्वरूप यह गंभीर दुर्घटना हुई।
इसी प्रकार एफएसएल सक्ती द्वारा प्रदान की गई रिपोर्ट में भी यह पुष्टि की गई है कि अत्यधिक ईंधन संचय और उससे उत्पन्न अतिरिक्त दबाव ही विस्फोट की मुख्य वजह रहे।

जाँच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि वेदांता कंपनी तथा एन.जी.एस.एल. द्वारा मशीनरी एवं उपकरणों के रख-रखाव तथा संचालन संबंधी मानकों का समुचित पालन नहीं किया गया। उपकरणों की देखरेख में लापरवाही एवं संचालन में उपेक्षा के कारण बायलर के दबाव में अचानक उतार–चढ़ाव आया, जिसके परिणामस्वरूप यह दुर्घटना घटी। उपलब्ध साक्ष्यों एवं तकनीकी रिपोर्टों के आधार पर घटना में लापरवाही परिलक्षित हुई है।

उक्त परिस्थितियों के आधार पर पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर( भारतीय पुलिस सेवा) के निर्देश पर वेदांता कंपनी के निदेशक अनिल अग्रवाल, कंपनी प्रबंधक देवेन्द्र पटेल सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रथम दृष्टया लापरवाही परिलक्षित होने पर थाना डभरा में अपराध क्रमांक 119/2026, धारा 106(1), 289, 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है।

पुलिस विभाग द्वारा तकनीकी विशेषज्ञों के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत विवेचना की जा रही है तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उक्त प्रकरण की सम्पूर्ण विवेचना के लिए पुलिस अधीक्षक  प्रफुल्ल कुमार ठाकुर (भापुसे) ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल के नेतृत्व में टीम गठित की है। टीम में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सुमित गुप्ता, फोरेंसिक अधिकारी सृष्टि सिंह एवं थाना प्रभारी डभरा राजेश पटेल होंगे।

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