शराब स्कैम में CBI की एंट्री : त्रिपाठी-पत्नी पर अनुपातहीन संपत्ति का केस… इससे प्रदेश के चार्जशीटेड व सस्पेंड 29 आबकारी अफसरों पर भी मंडराया खतरा
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने छत्तीसगढ़ के शराब स्कैम में अलग तरह की कार्रवाई की शुरुआत करते हुए प्रदेश के पूर्व आबकारी विशेष सचिव अरुणपति त्रिपाठी और पत्नी मंजुला के खिलाफ अनुपातहीन संपत्ति का केस दर्ज कर लिया है। सीबीआई ने इस स्कैम में इस तरह का पहला केस रजिस्टर किया है। इससे छत्तीसगढ़ के उन 29 आबकारी अफसरों पर भी ऐसे ही केस का खतरा मंडराने लगा है, जो निलंबित हैं और शराब स्कैम की चार्जशीट में जिनका नाम है।
सीबीआई ने भारतीय टेलीफोन सेवा के अधिकारी त्रिपाठी और पत्नी के खिलाफ छत्तीसगढ़ में प्रतिनियुक्ति के दौरान अकूत संपत्ति बनाने के आरोप में यह कार्बरवाई की है। सीबीआई के केस के मुताबिक त्रिपाठी ने पत्नी के नाम से कंपनी बनाकर अनुपातहीन संपत्ति अर्जित की। पत्नी की संपत्ति 38 लाख रुपए से बढ़कर 3.32 करोड़ रुपए की हो गई। इसमें भिलाई, नवा रायपुर और रायपुर में भवन और प्लाट खरीदी शामिल है। बता दें कि त्रिपाठी को पहले ईडी फिर ईओडब्ल्यू गिरफ्तार कर चुकी है। सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद शराब घोटाले में 29 अधिकारी-कर्मचारियों पर भी मामले दर्ज करने की आशंका बढ़ गई है। सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक त्रिपाठी दंपत्ति ने ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक, लगभग 4.91 करोड़ रुपये की संपत्ति जमा की है। यह राशि इनकी वैध कमाई से 54.53% अधिक है। जांच अवधि की शुरुआत में, यानी 2013 में, उनकी कुल संपत्ति मात्र 38.08 लाख रुपये थी, जो दिसंबर 2023 तक बढक़र 3.32 करोड़ रुपये हो गई। यह उनके महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर रहते हुए उनकी संपत्ति में हुई भारी वृद्धि को दर्शाता है।
जांच में पता चला है कि संपत्तियों का एक बड़ा जाल फैला हुआ है, जिसमें रायपुर और भिलाई में रिहायशी संपत्तियां, छत्तीसगढ़ में कीमती ज़मीन के टुकड़े, गहने, सोना-चांदी और बैंकों में जमा बड़ी रकम शामिल है। खास बात यह है कि जांच के दौरान रायपुर के लाभांडी इलाके में एक रिहायशी फ्लैट और नया रायपुर के गोल्फ कोर्स से जुड़े रिहायशी इलाके में एक प्रीमियम प्रॉपर्टी खरीदी गई थी। इसके अलावा दुर्ग जि़ले में ज़मीन के कई सौदे भी किए गए थे।



