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नासा का पावरफुल रॉकेट चांद की ओर लांच… अभी पृथ्वी के ऊपर घूम रहा है कैप्सूल ओरियन… चार एस्ट्रोनॉट्स के साथ यही मून तक जाकर आएगा

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने 2 अप्रैल 2026 को अपना ऐतिहासिक मून मिशन आर्टेमिस-2 (Artemis II) सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। यह 1972 के अपोलो 17 मिशन के बाद, यानी लगभग 54 साल बाद, चंद्रमा के लिए भेजा गया पहला मानवयुक्त (crewed) मिशन है। भारतीय समयानुसार आज सुबह 3:54 बजे (स्थानीय समय 1 अप्रैल शाम 6:35 बजे) आर्टेमिस रॉकेट को फ्लोरिडा, अमेरिका स्थित केनेडी स्पेस सेंटरके लॉन्च पैड 39B से लांच कर दिया गया। दुनिया के सबसे शक्तिशाली रॉकेट स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) के जरिए ओरियन (Orion) कैप्सूल को अंतरिक्ष में भेजा गया है, जिसमें चारों अंतरिक्ष यात्री सवार हैं।

इस खबर के लिखे जाने तक ओरियन कैप्सूल पृथ्वी की ऊंची कक्षा (High Earth Orbit) में है, जहाँ अंतरिक्ष यात्री लाइफ सपोर्ट सिस्टम और अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों की जांच कर रहे हैं। जांच सफल होने के बाद, यान ‘ट्रांस-लूनर इंजेक्शन’ प्रक्रिया के जरिए चंद्रमा की ओर बढ़ेगा।
यह टीम चंद्रमा की सतह से मात्र 7,600 किमी ऊपर से गुजरेगी, लेकिन सतह पर लैंडिंग नहीं करेगी। चंद्रमा के पीछे से ‘फ्री-रिटर्न’ लेकर यान पृथ्वी की ओर लौटेगा और लगभग 40,000 किमी/घंटा की रफ्तार से वायुमंडल में प्रवेश कर प्रशांत महासागर में उतरेगा। यह मिशन भविष्य के आर्टेमिस-3 मिशन के लिए नींव रखेगा, जिसका लक्ष्य 2030 से पहले इंसानों को फिर से चंद्रमा की सतह पर उतारना है।

मून मिशन लगभग 10 दिनों का सफर होगा, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा का चक्कर लगाकर वापस पृथ्वी पर लौटेंगे। इस मिशन में चार जांबाज अंतरिक्ष यात्री रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन ओरियन कैप्सूल पर सवार हैं।

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