पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा को सातवें और अंतिम केस में जमानत… जेल से आज-कल में रिहाई, प्रदेश से बाहर रहना होगा
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को बड़ी राहत देते हुए डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) मामले में जमानत दे दी है। अनिल टुटेजा के वकीलों के अनुसार वे पहले ही अन्य 6 मामलों में जमानत पा चुके थे और यह आखिरी मामला (सातवां केस) था। इस अंतिम मामले में जमानत मिलने के बाद अब उनके जेल से रिहा होने का रास्ता साफ हो गया है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की पीठ ने सुनवाई के बाद अनिल टुटेजा की जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया। अदालत ने नोट किया कि टुटेजा अप्रैल 2024 से हिरासत में हैं और इस मामले में करीब 85 गवाहों की गवाही होनी बाकी है। जिसके कारण ट्रायल पूरा होने में लंबा समय लग सकता है। कोर्ट ने टुटेजा को राहत देने के साथ कुछ प्रतिबंध भी लगाए हैं। जांच और गवाहों को प्रभावित होने से बचाने के लिए कोर्ट ने आदेश दिया है कि टुटेजा छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर रहेंगे। उन्हें एक सप्ताह के भीतर अदालत में अपना नया रिहायशी पता जमा करना होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि टुटेजा राज्य के किसी भी कार्यरत सरकारी अधिकारी से संपर्क नहीं कर सकेंगे। उन्हें मामले की हर सुनवाई पर अदालत में उपस्थित रहना होगा और जांच में पूरा सहयोग करना होगा।



