CBI का बड़ा खुलासा : नीट पेपर लीक में एनटीए परीक्षा पैनल का सदस्य मास्टरमाइंड… रिटायर्ड प्रोफेसर कुलकर्णी और सहयोगी टीचर मनीषा समेत 9 अरेस्ट
नीट NEET 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने पिछले पांच दिन में देशभर में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिसमें इस पूरे रैकेट का मुख्य मास्टरमाइंड पी.वी. कुलकर्णी भी शामिल है। शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर मामला दर्ज करने के बाद, सीबीआई देश के कई राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही है और जांच अपने निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है।
सीबीआई ने इस पूरे घोटाले के मास्टरमाइंड कुलकर्णी को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। कुलकर्णी लातूर के एक कॉलेज में केमिस्ट्री का रिटायर्ड प्रोफेसर है। वह लंबे समय से राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के परीक्षा पैनल का हिस्सा रहा था, जिसके कारण उसकी प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच थी। सीबीआई ने कुलकर्णी की सहयोगी और बॉटनी/बायोलॉजी की टीचर मनीषा मंधारे (वाघमारे) को उत्तरप्रदेश के मथुरा से गिरफ्तार किया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की सीबीआई हिरासत (CBI Custody) में भेज दिया है।
सीबीआई की अब तक की जांच में सामने आया है कि मास्टरमाइंड कुलकर्णी ने परीक्षा से पहले अप्रैल के आखिरी हफ्ते में पुणे स्थित अपने घर पर चुनिंदा छात्रों के लिए विशेष कोचिंग क्लासेस चलाई थीं। इन क्लासों में छात्रों को नीट परीक्षा में आने वाले असली सवाल और उनके सही जवाब बोलकर (डिक्टेट करके) नोटबुक्स में लिखवाए गए थे। वास्तविक परीक्षा के प्रश्नपत्रों से इनका शत-प्रतिशत (100%) मिलान हुआ है। दलालों और बिचौलियों के माध्यम से छात्रों से मोटी रकम वसूल कर इन स्पेशल क्लासेस में एंट्री दी गई थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि NEET का पेपर 1 मई को ही ‘प्राइवेट माफिया’ नाम के एक टेलीग्राम ग्रुप पर पीडीएफ (PDF) फाइल के रूप में शेयर कर दिया गया था। नासिक से गिरफ्तार हुए एक आरोपी शुभम खैरनार (BAMS छात्र) ने कबूल किया है कि उसने टेलीग्राम के जरिए ₹10 लाख में लीक पेपर खरीदा था और बाद में उसे हरियाणा व गुरुग्राम के खरीदारों को ₹15 लाख में बेच दिया।



