रायपुर ड्रग्स केस : ईडी ने पुलिस से मांगे पूरे दस्तावेज… पुलिस की SIT भी करेगी दोबारा जांच… इसमें एक एसीपी समेत 5 अफसर
रायपुर के बहुचर्चित ड्रग्स केस की जांच अब विशेष जांच दल (SIT) को सौंप दी गई है। सरकार ने इस केस की जांच के लिए एक एसीपी, दो इंस्पेक्टर समेत 5 सदस्यों की एसआईटी गठित की है। इधर, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी ट्रेल की जांच शुरू करते हुए पुलिस से चार्जशीट और सभी दस्तावेज मांग लिए हैं। ईडी मुख्य रूप से मनीलॉन्ड्रिंग और ब्लैक मनी के एंगल से जांच कर रही है ताकि ड्रग्स के लेन-देन का पता लगाया जा सके।
रायपुर ड्रग्स केस की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) में एक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) और दो निरीक्षकों (TI) समेत कुल पांच सदस्य शामिल हैं। यह टीम रायपुर की हाई-प्रोफाइल पार्टियों, नाइट क्लबों और निजी आयोजनों में ड्रग्स की सप्लाई चेन की जांच करेगी।
एसआईटी मुख्य रूप से रायपुर से मुंबई तक फैले अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट और उसके कड़ियों को खंगालेगी। इस केस में पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल से मिले डिजिटल डेटा, व्हाट्सएप चैट्स और सोशल मीडिया संदेशों का नए सिरे से विश्लेषण किया जाएगा।
यह मामला 23 अगस्त 2025 को तब सामने आया था जब रायपुर पुलिस ने हर्ष आहूजा, मोनू बिश्नोई और दीप धनोरिया को एमडीएमए ड्रग्स के साथ पकड़ा था। उनसे मिली जानकारी के आधार पर मुख्य आरोपी नव्या मलिक को मुंबई से गिरफ्तार किया गया, जिसे स्थानीय मीडिया में ‘ड्रग्स क्वीन’ भी कहा गया। जांच में सामने आया कि नव्या का संपर्क शहर के करीब 850 से अधिक रसूखदार लोगों, व्यवसायियों और इवेंट ऑर्गनाइजर्स से था। वर्तमान में सभी आरोपी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर हैं।



