ग़ैर मुस्लिम से निकाह के पहले वक़्फ़ बोर्ड से अनुमति ज़रूरी… निकाहनामा उर्दू के साथ अंग्रेजी-हिंदी में भी बनेगा… वक़्फ़ बोर्ड ने जारी किया लिखित प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने अंतरधार्मिक विवाहों में पारदर्शिता लाने के लिए एक नया नियम प्रस्तावित किया है, जिसके तहत गैर-मुस्लिम से निकाह करने से पहले वक्फ बोर्ड से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज के अनुसार, यदि कोई मौलाना नियमों का पालन किए बिना ऐसा निकाह कराता है, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वक़्फ़ बोर्ड से जारी आदेश के अनुसार कोई भी मुस्लिम युवक या युवती किसी गैर-मुस्लिम से निकाह करना चाहता है, तो उसे पहले वक्फ बोर्ड से लिखित अनुमति लेनी होगी। यदि निकाह किसी दूसरे धर्म की लड़की से किया जा रहा है, तो उसके परिवार के सदस्यों की सहमति होना आवश्यक होगा। नए आदेश में वक़्फ़ बोर्ड ने यह भी कहा कि राज्य में निकाह पढ़ाने वाले सभी काजियों और मौलानाओं को वक्फ बोर्ड में अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। केवल पंजीकृत मौलाना ही निकाह करा सकेंगे।वर्तमान में ज्यादातर निकाहनामे उर्दू में होते हैं, जिससे सरकारी दस्तावेजों में परेशानी आती है। अब इसे हिंदी और अंग्रेजी में जारी किया जाएगा और एक प्रति वक्फ बोर्ड के डिजिटल रिकॉर्ड में सुरक्षित रखी जाएगी।



