आज की खबर

वेदांता कारखानों में ही छत्तीसगढ़ के भयावह हादसे… बाल्को में 2009 में चिमनी गिरने से मारे गए थे 45 श्रमिक… अब सक्ती में बायलर ब्लास्ट ने लीं 17 जानें

(फोटो : सक्ती हादसा (बाएं) चिमनी हादसा (दाएँ)

छत्तीसगढ़ निर्माण के बाद से अब तक की सबसे भीषण औद्योगिक दुर्घटनाएं वेदांता ग्रुप के कारखानों में हुई हैं। इनसे न सिर्फ छत्तीसगढ़, बल्कि पूरा देश भी हिल चुका है। छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा औद्योगिक हादसा  23 सितंबर 2009 को छत्तीसगढ़ के कोरबा में वेदांता-स्टेरलाइट बाल्को-कोरबा के पावर प्लांट में शाम को हुआ था, जहाँ 1200 मेगावाट बिजली संयंत्र की 275 मीटर ऊँची निर्माणाधीन चिमनी ढह गई थी। इस हादसे में करीब 45 मजदूरों की मलबे में दबकर मौत हुई थी और प्रदेश में कई दिन तक हाहाकार मचा था।

बाल्को चिमनी हादसा न सिर्फ छत्तीसगढ़, बल्कि भारतीय औद्योगिक इतिहास की सबसे भीषण दुर्घटनाओं में से एक थी। जिसमें चीनी अधिकारियों की भूमिका की जांच की गई थी। यह हादसा अब भी लोगों को याद है। इस बीच, मंगलवार 14 अप्रैल को वेदांता के ही सिंघीतराई (सक्ती) पावर प्लांट में हुए बायलर ब्लास्ट ने छत्तीसगढ़ में खलबली मचा दी है। इस हादसे में तकरीबन 50 श्रमिक झुलसे थे, जिनमें से 17 अब तक दम तोड़ चुके हैं। अस्पतालों में भर्ती श्रमिकों में कुछ की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। हालांकि छत्तीसगढ़ सरकार ने इस हादसे पर जीरो टालरेंस दिखाया है और सीएम विष्णुदेव साय के निर्देश पर उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। अभी खबर यह आई है कि पीएम मोदी ने भी इस हादसे पर गहरा शोक जताया है और केंद्र सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपए की तात्कालिक मदद भिजवाई है। सीएम साय कल ही 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा कर चुके हैं।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button