कोल में कालिख : रायगढ़ के तमनार कांड के बाद अब कोरबा की खदानों में वर्चस्व का हिंसक संघर्ष… एक फर्म के पहलवानों ने दूसरों को रात में बेदम पीटा
छत्तीसगढ़ की कोयला खदानों के भीतर-बाहर हालत हिंसक हो रहे हैं। इसी हफ़्ते रायगढ़ के तमनार में कोयला खदान की जनसुनवाई से पहले हुई हिंसा और पुलिसवालों की पिटाई की पूरे देश में चर्चा हुई और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन हुआ। शनिवार रात कोरबा जिले की एसईसीएल खदानों में दो ठेका कंपनियों के पहलवानों के बीच वर्चस्व के हिंसक संघर्ष का मामला सामने आ गया। कोरबा से आई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बीती रात कोयला लिफ्टिंग को लेकर दो कंपनियों के पहलवानों में जमकर मारपीट हुई। बताया जा रहा है कि सुरक्षा बलों की मौजूदगी में एक कंपनी के पहलवानों ने दूसरी कंपनी के कर्मचारियों को बेदम पीटा। इस बर्बरता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। हैरतअंगेज़ ये है कि इस मामले में अब तक प्रशासन या पुलिस का कोई एक्शन नहीं हुआ है।
कोरबा में चल रही ख़बरों के अनुसार गेवरा खदान में लंबे समय से एक फर्म का दबदबा रहा है। बीती रात कोयला लिफ्टिंग के दौरान इसी फर्म के पहलवानों ने दूसरी कंपनी के कर्मचारियों पर धावा बोल दिया। पहले तीखी नोकझोंक हुई और देखते ही देखते लाठी-डंडों से मारपीट शुरू हो गई। इस हमले में दूसरी फर्म के कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका उपचार जारी है। खदान परिसर के भीतर हुई इस गुंडागर्दी से अन्य कामगारों में दहशत का माहौल है। बता दें कि पिछले साल पाली क्षेत्र में ऐसे ही हिंसक संघर्ष में एक ट्रांसपोर्टर की जान गई थी।



