महासमुंद का फ़ूड ऑफिसर 1.50 करोड़ के रसोई गैस स्कैम में गिरफ्तार… 80 लाख रु की डील, 50 लाख मिलते अफसर को… पूर्व मंत्री के दामाद समेत 2 और अरेस्ट
महासमुंद जिले में 1.50 करोड़ रुपये के एलपीजी गैस घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव को मास्टरमाइंड करार देते हुए गिरफ्तार कर लिया है। अफसर के साथ गौरव गैस एजेंसी का संचालक और पूर्व राज्यमंत्री के भाई का दामाद पंकज चंद्राकर तथा रायपुर का गैस चूल्हा कारोबारी मनीष चौधरी भी गिरफ्तार किए गए हैं। इस मामले में ठाकुर पेट्रोकेमिकल के मालिक संतोष ठाकुर और सार्थक ठाकुर फिलहाल फरार हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।
पुलिस ने इस मामले में जब्त किए गए 6 एलपीजी कैप्सूल (टैंकरों) से करीब 92 टन गैस चोरी कर बाजार में बेचने का खुलासा भी किया है। पुलिस अफसरों ने बताया कि इस अवैध सौदे के लिए 80 लाख रुपये में डील हुई थी। जिसमें से कथित तौर पर 50 लाख रुपये अकेले खाद्य अधिकारी को मिलने थे।
दरअसल दिसंबर 2025 में सिंघोड़ा पुलिस ने लीगल दस्तावेज न होने के कारण 6 गैस टैंकरों को जब्त किया था। खाद्य अधिकारी अजय यादव ने पुलिस को गुमराह किया कि टैंकरों में गैस लीकेज है, जबकि असल में उन्हें अभनपुर स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल को सौंप दिया गया, जहाँ से गैस चोरी की गई। पुलिस ने 15 दिनों की तकनीकी जांच (कॉल डिटेल्स और जीपीएस) के बाद इस सिंडिकेट का पर्दाफाश किया।



