शोले और शेरा प्लास्टिक बोतलों में, पर सप्लाई प्रभावित… कई जिलों की दुकानों से देशी पौवा गायब… डिस्टिलर्स ने मांगा वक्त
छत्तीसगढ़ में नई आबकारी नीति 2026 के तहत सरकारी दुकानों में शराब कांच की बोतलों के बजाय प्लास्टिक बोतलों में मिलना शुरू हो गई है। रायपुर में शोले और शेरा जैसे ब्रांड्स की प्लास्टिक बोतलों की पहली खेप दुकानों में पहुंची है। लेकिन डिस्टिलरीज से अब भी प्लास्टिक बोतलों में सप्लाई का सिस्टम बना नहीं है। उनके पास अब तक कांच की बोतलों का सिस्टम है। प्लास्टिक और कांच के चक्कर में प्रदेश ने देशी शराब की सप्लाई प्रभावित हो रही है। कई जिलों से रिपोर्ट्स आ रही हैं कि देशी की सप्लाई ठप है और दुकानों में स्टॉक नहीं है। बताया गया है कि डिस्टिलरीज ने प्लास्टिक बोतलों में सप्लाई के लिए 1 मई तक की मोहलत माँगी है।
प्लास्टिक बोतलों में देशी और चीप रेंज की सप्लाई का फ़ैसला मुख्य रूप से परिवहन के दौरान होने वाली टूट-फूट को कम करने और राजस्व के नुकसान को रोकने के लिए किया गया था। आबकारी विभाग का कहना है कि प्लास्टिक बोतलों से लॉजिस्टिक्स आसान होगा और परिवहन लागत में कमी आएगी। इधर, डिस्टिलर्स और बॉटलिंग एसोसिएशन इस फैसले का विरोध कर रहे हैं, जिसका असर बाजार पर पड़ा है। विरोध के कारण कई दुकानों में देसी और सस्ती विदेशी शराब की सप्लाई कम या बंद हो गई है। एसोसिएशन का दावा है कि कांच की बोतलों की रीसाइक्लिंग से जुड़े लाखों लोगों की आजीविका पर इसका बुरा असर पड़ सकता है।



