राजेश मूणत के साथ सीएम साय, स्पीकर डॉ रमन, सांसद बृजमोहन समेत हजारों चले कांवड़ लेकर… राजधानी में गुढ़ियारी से निकली भव्य कांवड़ यात्रा में भारी उत्साह

रायपुर के दिग्गज भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री राजेश मूणत के नेतृत्व में निकली भव्य कांवड़ यात्रा में राजधानी भगवान भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर नजर आ रही है। गुढ़ियारी स्थित मारुति मंगलम परिसर से कांवड़ में पवित्र जल लेकर राजेश मूणत के साथ सीएम विष्णुदेव साय, स्पीकर डॉ रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, सांसद बृजमोहन अग्रवाल और रायपुर के सभी विधायक व महापौर सहित सैकड़ों श्रद्धालु महादेवघाट के लिए निकले हैं। कांवड़ यात्रा से पूर्व भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की गई है। राजेश मूणत सावन में हर साल कांवड़ यात्रा का आयोजन करते हैं और हर बार इसका स्वरूप और भव्य हो रहा है।

गुढ़ियारी से निकले हजारों कांवड़िए जहां से भी गुजर रहे हैं, शिवभक्त उनका भव्य स्वागत कर रहे हैं। शिवभक्तों के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा है। राजेश मूणत ने संदेश दिया कि यह आयोजन केवल धार्मिक यात्रा ही नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का उत्सव भी है। यात्रा में शामिल सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि महादेव घाट में विराजमान भगवान हटकेश्वरनाथ के प्रति प्रदेशवासियों की गहरी आस्था है। विशेष रूप से श्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना करते हैं।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि कांवड़ यात्रा जैसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों में समाज के हर वर्ग के लोग एक साथ जुड़ते हैं। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि हमारी विरासत का संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। पूर्व राज्यपाल रमेश बैस ने कांवड़ यात्रा में शामिल सभी शिवभक्तों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से प्रदेश की निरंतर प्रगति की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि देवाधिदेव महादेव की कृपा छत्तीसगढ़ और प्रदेशवासियों पर सदैव बनी रहे। हर परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली आए तथा हमारा छत्तीसगढ़ विकास और जनकल्याण के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे। कांवड़ यात्रा में पूर्व सांसद अभिषेक सिंह भी पवित्र जल लेकर निकले हैं।



