छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली परीक्षा, जिसके पेपर एयरफोर्स के विमान से आएंगे… वायुसेना के भरोसेमंद सिस्टम का देश के किसी एग्जाम में पहली बार उपयोग
छत्तीसगढ़ में ऐसा पहली बार होगा, जब किसी परीक्षा के प्रश्नपत्रों को एयरफोर्स के C-17 Globemaster या C-130J Super Hercules जैसे विमान रायपुर एयरपोर्ट पर लेकर आएंगे। दरअसल NEET (UG) के री-एग्जाम के पेपर सुरक्षित पहुंचाने के लिए केंद्रीय एजेंसियां वायुसेना के गोपनीय सैन्य और लॉजिस्टिक्स ऑपरेशन का सहारा ले रही है। वायुसेना के विमान री-नीट के पेपर रायपुर में बेहद खुफिया ढंग से अनलोड करेंगे। फिर उतने ही फूलप्रूफ तरीके से रायपुर कलेक्टर के नेतृत्व में इन पेपर्स को सेंटर तक पहुँचाने के लिए गोपनीय ऑपरेशन चलाया जाएगा। चूँकि छत्तीसगढ़ में ऐसा पहली बार होगा, इसलिए चीफ सेक्रेटरी विकास शील ने रायपुर प्रशासन को इस पूरे अभियान की गोपनीय मॉक ड्रिल करने के निर्देश दिए हैं, ताकि हवाई पट्टी से सेंटरों तक रे-नीट पेपर्स की गोपनीयता में कोई कमी न रहे।
यह पहला मौका है जब भारत में किसी सिविलियन एंट्रेंस एग्जाम के पेपरों के ट्रांसपोर्टेशन के लिए रक्षा मंत्रालय और वायुसेना की मदद ली जा रही है। राष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक वायुसेना के विमान पूरे देश के हर शहर या परीक्षा केंद्र पर नहीं उतरेंगे। विमानों का मुख्य काम प्रिंटिंग प्रेस से पेपरों को सुरक्षित रूप से उठाकर राज्यों के मुख्य हवाई अड्डों (जैसे छत्तीसगढ़ में रायपुर, उत्तर प्रदेश में लखनऊ, आगरा, गोरखपुर, वाराणसी; बिहार में पटना, दरभंगा; और पश्चिम बंगाल में कोलकाता, बागडोगरा) तक एयरलिफ्ट करना है। इन चुनिंदा मुख्य हवाई अड्डों (Hubs) पर विमानों से पेपर उतरने के बाद, संबंधित राज्य की सुरक्षा एजेंसियां, जिला प्रशासन और पुलिस कड़े पहरे में पेपरों को जिलों के स्ट्रॉन्ग रूम और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाएंगी।
मई 2026 में हुए पेपर लीक विवाद के बाद सरकार 21 जून 2026 को होने वाले री-टेस्ट को पूरी तरह “लीक-प्रूफ” बनाना चाहती है। डाक विभाग (Postal Department) के पारंपरिक नेटवर्क की जगह इस बार सेना के सुरक्षित लॉजिस्टिक्स सपोर्ट का सहारा लिया जा रहा है ताकि रास्ते में कोई छेड़छाड़ न हो सके। जून के महीने में देश के कई हिस्सों में खराब मौसम और मानसून की शुरुआत हो जाती है। कम समय में और बिना किसी देरी के सुरक्षित डिलीवरी के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) के ट्रांसपोर्ट विमानों को सबसे भरोसेमंद माना गया है।



