अमित जोगी की उम्रकैद और सरेंडर का हाईकोर्ट का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने रोका… सीबीआई, राज्य सरकार से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने अमित जोगी को रामावतार जग्गी हत्याकांड में बड़ी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस फैसले पर अंतरिम रोक (Stay) लगा दी है, जिसमें अमित को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी और सरेंडर करने का आदेश दिया गया था। जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और विजय बिश्नोई की पीठ ने अमित जोगी की दोषसिद्धि (Conviction) और आजीवन कारावास की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी है।
वकीलों के मुताबिक हाईकोर्ट ने अमित जोगी को 23 अप्रैल यानी आज तक सरेंडर करने का समय दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब फिलहाल इसकी की आवश्यकता नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने जोगी की याचिका पर सुनवाई करते हुए CBI और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है। अमित जोगी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा ने कोर्ट में दलीलें पेश कीं। इस फैसले के बाद अमित जोगी ने न्यायपालिका पर अपना अटूट विश्वास जताया है।
बता दें कि पूरा मामला 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की हत्या से जुड़ा है। 2007 में निचली अदालत ने अमित जोगी को बरी कर दिया था, लेकिन हाल ही में बिलासपुर हाईकोर्ट ने उस फैसले को पलटते हुए दोषी करार देते हुए 23 अप्रैल तक सरेंडर करने का आदेश दिया था।


