ये रायपुर का स्कूल!!! अगर किसी को भी कुछ ग़लत नहीं लगता, तो कोई बात नहीं

राजधानी में देवपुरी के सरकारी स्कूल का खेल मैदान… इसी मैदान पर प्रार्थना होती है, बच्चे खेलते हैं, गेट का आने जाने का रास्ता भी यही है। रायपुर में सरकारी और प्राइवेट मिलकर सैकड़ों स्कूल हैं। पिछले 24 घंटे से सभी स्कूल मैदानों पर प्रकृति समान भाव से मेहरबान है। लेकिन इक्का-दुक्का स्कूल ही हैं, जिनके खेल मैदान अब तालाब हैं। देवपुरी स्कूल का मैदान इन्हीं में एक है। वो तो अच्छा है कि स्कूलों में बच्चे ही पढ़ते हैं। ज़रूरत पड़ी तो जूते-मोज़े बगल में दबाकर क्लास तक चले जाते हैं। बीच में “छई छप्पा छई” भी कर लेते हैं। अगर ऐसा ही मैदान नगर निगम या सरकारी दफ्तर का होता, तो अफसर-कर्मचारी हाहाकार मचा देते।
इस स्कूल की ज़िम्मेदारी शिक्षा विभाग की है और नगर निगम की भी। दोनों में जिसे भी यह तस्वीर बुरी लगे, तो बच्चों की मदद की जा सकती है। नहीं लगे तो कोई बात नहीं। यह वार्षिक जलसे जैसा है, बच्चे मजबूरी में एंजॉय भी कर लेते हैं।
प्रार्थना यही है कि इस भरे डबरे में आसपास से बहकर कीड़े मकोड़े या अन्य जीव न आ जाएं और दुबककर न बैठे हों।



