पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर का आरोप… राजकीय पशु के सम्मान में भी उदासीन सरकार… चौक पर लगाई प्रतिमा, अनावरण की फुर्सत नहीं

छत्तीसगढ़ के दिग्गज कांग्रेस नेता और दो बार के मंत्री रहे मोहम्मद अकबर ने राजकीय पशु के अपमान का मुद्दा उठाते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार और वन विभाग पर धावा बोला है। मोहम्मद अकबर कांग्रेस सरकार में वन मंत्री भी थे। शुक्रवार को एक बयान में मोहम्मद अकबर ने खालसा स्कूल-ऑक्सीजोन तिराहे पर चार माह पहले लगाई गई मेटल की विशाल वनभैंसा प्रतिमा की उपेक्षा का मामला सामने लाया। उन्होंने कहा कि इस प्रतिमा को प्लास्टिक शीट से ढकने के बाद ज़िम्मेदार सरकारी नुमाइंदे और अफ़सर जैसे भूल ही गए। अब तक प्लास्टिक शीट भी चीथड़े हो गई। मोहम्मद अकबर ने कहा कि पॉलीथिन से लिपटी वन भैंसे की इस प्रतिमा को अनावरण के लिए कितने दिन और इंतज़ार करना होगा, राजकीय पशु को सम्मान मिलेगा या नहीं, इस बारे में सब कुछ अंधेरे में ही है।
पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि वन भैंसा की प्रतिमा का अनावरण होने से वहां से रोज़ाना गुज़रने वाले हजारों लोगों को कम से कम राजकीय पशु के अस्तित्व का पता चलेगा। लोग राजकीय पशु के बारे में जान सकेंगे, लेकिन राज्य सरकार राजकीय पशु के बारे में जानकारी देने गंभीर नहीं है। बता दें कि वन भैंसा उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व गरियाबंद में पाए जाते हैं। वहां वन भैंसों की संख्या 09 है। इसी तरह, इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान एवं पामेड़ अभ्यारण्य में भी वन भैंसे हैं परंतु संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण इन क्षेत्रों में संख्या की जानकारी स्पष्ट नहीं है। पूर्व वनमंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि राज्य में वन भैंसा की संख्या अत्यंत कम होने के कारण इसके संरक्षण व संवर्धन की आवश्यकता है।लोगों को राजकीय पशु के बारे में जानकारी दिए जाने की जरूरत है।



