रायपुर-प्रदेश में रथयात्रा का उत्साह… सीएम साय और पत्नी कौशल्या ने जशपुर में की पूजा-अर्चना… जय जगन्नाथ के घोष से गूंजा शहर, आस्था का सैलाब

राजधानी रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में परंपरागत श्रद्धा-भक्ति और उल्लास के वातावरण में भव्य रथयात्रा निकाली गई। इस दौरान जय जगन्नाथ के घोष के साथ जगह-जगह आस्था का सैलाब उमड़ गया। जशपुर में भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा से मौसीबाड़ी पहुंचे हैं, जिनकी 9 वें दिन भव्य वापसी होगी। वहां रथयात्रा में सीएम विष्णुदेव साय पत्नी कौशल्या साय के साथ रथयात्रा में शामिल हुए और पूजा अर्चना की। साय दंपत्ति ने प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। सीएम साय ने रथयात्रा मार्ग को बुहारकर छेरा-पहरा की रस्म भी निभाई।
जशपुर के ऐतिहासिक एवं प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में इस वर्ष भी रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के साथ सीएम साय ने भी भक्तिभावपूर्वक भाग लिया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा के रथ को रस्सी खींचकर आगे बढ़ाया। पूरा वातावरण जय जगन्नाथ के जयघोष, भजन-कीर्तन और भक्तिमय उल्लास से गूंज उठा। रथ यात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए मौसीबाड़ी पहुंची। भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा नौ दिनों तक अपनी मौसी के घर मौसीबाड़ी में विराजमान रहेंगे। नौवें दिन 5 जुलाई को शुभ वापसी श्री जगन्नाथ मंदिर, दोकड़ा में होगी। यह आयोजन ओडिशा के पुरी धाम की परंपरा के अनुरूप आयोजित किया गया है।
बता दें कि दोकड़ा में वर्ष 1942 में रथयात्रा की शुरुवात हुई थी। इसे सुदर्शन सतपथी एवं उनकी पत्नी सुशीला सतपथी ने श्रद्धा और समर्पण के साथ शुरू किया था। तब से यह परंपरा निरंतर श्रद्धा और उत्साह के साथ निर्विघ्न रूप से जारी है। समय के साथ यह आयोजन अब एक भव्य धार्मिक मेले का रूप ले चुका है, जिसमें श्रद्धालुओं की विशाल सहभागिता देखने को मिलती है।
नौ दिनों तक चलेगा धार्मिक पर्व
रथ यात्रा के उपलक्ष्य में दोकड़ा में एक विशाल मेले का भी आयोजन किया गया है, जो इस उत्सव की शोभा को और अधिक बढ़ा देता है। मेला परिसर में मनोरंजन के लिए झूले, स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टॉल, पारंपरिक हस्तशिल्प की दुकानें और अन्य आकर्षण मौजूद हैं। जो सभी के लिए आनंद का केंद्र बनते हैं। यह आयोजन आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम है।



