नक्सलवाद का खात्मा… कांग्रेस ने दावों पर उठाए सवाल… पूर्व सीएम भूपेश का तीखा हमला
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे पर प्रदेश कांग्रेस ने कई सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने पूछा है कि क्या यह दावा भी किया जा सकता है कि अब प्रदेश में कोई नक्सल हिंसा नहीं होगी। इधर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने भी तीखे हमले किए हैं। उन्होंने नक्सल मामलों में राजनीति नहीं करने की सलाह दी है।
पूर्व सीएम भूपेश ने कहा कि मैं केंद्रीय गृहमंत्री को चुनौती देता हूं कि हमारी सरकार की कार्रवाइयों पर केंद्र सरकार की किसी आपत्ति का कोई प्रमाण हो तो उसे सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा कि आप नक्सलियों से लड़ रहे हैं, तो हम भी उनसे लड़ रहे थे। आप अपनी पीठ बेशक थपथपाइए, लेकिन हमारी पीठ पर पैर रखकर ऊंचा उठने की कोशिश मत कीजिए। भूपेश बघेल ने कहा कि अगर हमारी सरकार ने बस्तर के सुदूर इलाक़ों तक कैंप न बनाए होते तो आज जो ऑपरेशन आप कर सके, वो हरगिज़ संभव नहीं होता। याद रखिए कि भाजपा से बड़ी पीड़ा हमने झेली है। हमने अपने वरिष्ठ नेताओं को नक्सली हमले में गंवाया है।
इधर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पूछा है कि इस बात की अधिकारिक घोषणा कब होगी कि अब प्रदेश का कोई भी इलाका नक्सल प्रभावित नहीं है? क्या अब प्रदेश में कोई नक्सल हिंसा नहीं होगी? नक्सलवाद समाप्ति के लिए सरकार ने क्या पैमाना माना था और उनमें से कितने पैमाने पूरे हो चुके है? क्या अब बस्तर में किसी निर्दोष का खून नहीं बहेगा? अब बस्तर का आम आदिवासी मारा नहीं जाएगा? यदि नक्सलवाद समाप्त हो गया है तो राज्य सरकार ने अभी तक बस्तर से कितने सुरक्षाबलों के कैंप हटाना शुरू किया? क्या नागरिक बस्तर में कहीं भी, किसी भी समय बेरोक-टोक आ जा सकते है? क्या अब कोई एनकाउंटर नहीं होंगे? क्या नक्सल के नाम पर जो सुरक्षा लोगों को दी गयी थी, सरकार उनको भी रिव्यू करेगी? क्या अब बस्तर के जल, जंगल, जमीन पर आदिवासियों का बेरोक-टोक अधिकार रहेगा? क्या झीरम जैसे राजनैतिक हत्याकांड के आरोपियों को सजा मिलेगी या उनको भी माफ कर दिया गया?



