रायपुर में बोर खनन पर 1 अप्रैल से 15 जुलाई तक बैन… कलेक्टर गौरव सिंह ने शहर को घोषित किया “जलाभावग्रस्त क्षेत्र”
राजधानी रायपुर समेत पूरे जिले में 1 अप्रैल 15 जुलाई 2026 तक यानी साढ़े तीन माह के लिए नए बोर और नलकूप खनन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर पूरे जिले को “जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र” घोषित किया गया है।
बढ़ती गर्मी में भूजल स्तर (Groundwater level) को गिरने से रोकने और पेयजल सुरक्षित रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। रायपुर में बोर खनन पर इसी अवधि में पिछले कई साल से बैन लग रहा है, लेकिन पिछले एक-दो साल से सख्ती बढ़ गई है। इस अवधि में बोर खनन के लिए कलेक्टर से अनुमति जरूरी है, लेकिन नियम इतने सख्त हैं कि अनुमति मिलना लगभग असंभव ही है। विशेष परिस्थितियों (जैसे बहुत ज़रूरी पेयजल आवश्यकता) के लिए सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति लेनी होती है, लेकिन जाँच पड़ताल बहुत अधिक है। बिना अनुमति के किसी भी व्यक्ति, संस्था या व्यावसायिक प्रतिष्ठान द्वारा बोर खनन कराना प्रतिबंधित है। आदेश का उल्लंघन करने पर बोरिंग मशीन को जब्त करने और कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।



