दंतेवाड़ा-सुकमा सड़क जहां कभी नक्सलियों का राज चलता था, अब वह होगी फोरलेन… 69 किमी रोड के लिए 231 करोड़ रुपए मंजूर, टेंडर जल्द
नक्सलवाद के खात्मे की समय सीमा 31 मार्च से पहले ही सरकार ने धुर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा से सुकमा की 69 किमी रोड को फोरलेन बनाने का ऐलान कर दिया है। यह वही सड़क है, जहां कुछ अरसा पहले तक नक्सलियों की तूती बोलती थी और अंधेरा होते ही कारों की लाइट भीतर से जलाकर चलने तक की मजबूरी हो जाती थी। सीएम विष्णुदेव साय और पीडब्लूडी मंत्री अरुण साव की पहल पर तथा मंत्री नितिन गडकरी के निर्देश पर भारत सरकार के सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस सड़क को फोरलेन बनाने के लिए 230 करोड़ 85 लाख रुपए मंजूर कर दिए हैं। पीडब्लूडी विभाग के सचिव डा. कमलप्रीत सिंह ने इसकी पुष्टि की है। मिली जानकारी के मुताबिक इस सड़क के निर्माण के लिए शासन ने पीडब्लूडी के ईएनसी को प्रशासकीय स्वीकृति की सूचना देते हुए टेंडर तथा अन्य औपचारिकताएं जल्द पूरी कर निर्माण शुरू करने के आदेश दिए हैं।
देशभर में नक्सलवाद के प्रभाव के लिए चर्चित दंतेवाड़ा से सुकमा के बीच की इस सड़क की लंबाई 68.60 किमी है। कुछ समय पहले तक लगभग पूरी सड़क नक्सल प्रभाव में रही है और यहां नक्सलियों ने कई बड़ी वारदातों को भी पूर्व में अंजाम दिया है। दंतेवाड़ा जिला लगभग नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है। अब सुकमा तक भी सड़क सुरक्षित हो गई है। चूंकि यह व्यस्त स्टेट हाईवे है, इसलिए साय सरकार ने इसे फोरलेन बनाने का फैसला करते हुए 2024-25 के बजट में प्रावधान किया था। सड़क के निर्माण के लिए केंद्र सररकार से 230.88 करोड़ रुपए की प्रशासकीय मंजूरी की चिट्ठी कुछ दिन पहले ही राज्य के पीडब्लूडी विभाग को मिली है। इस सड़क का चौड़ीकरण केंद्रीय सड़क निधि से किया जाएगा। थोड़ा भूअर्जन भी होगा, जिसकी व्यवस्था निर्माण के लिए मंजूर फंड में कर दी गई है।




