छत्तीसगढ़ की सभी टू-फोर लेन सड़कों का सर्वे जल्द… चौड़ाई बढ़ाने की ज़रूरत पर बनेगा रोड मास्टर प्लान

छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेशभर में दो लेन और चार लेन सड़कों का भविष्य की जरूरतों के अनुरूप सर्वे शुरू करने जा रही। इस सर्वे में पता लगाया जाएगा कि ट्रैफिक के लिहाज से किन सड़कों की चौड़ाई तुरंत बढ़ानी होगी और कहां फिलहाल कुछ साल तक काम चल जाएगा। इस आधार पर रोड नेटवर्क मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। यह फैसला सीएम विष्णुदेव साय की और से बुलाई गई मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन की हाई लेवल मीटिंग में किया गया है। बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि अब स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक भवनों की डिजाइन में भविष्य के विस्तार की जरूरतों का भी ध्यान रखा जाए।
मंत्रालय महानदी भवन में आज 13 अक्टूबर को शाम तक चली इस बैठक में बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, नगरीय प्रशासन प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत और पी. दयानंद, वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव, पीडब्ल्यूडी सचिव मुकेश बंसल, सूचना एवं प्रौद्योगिकी सचिव अंकित आनंद सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में सीएम साय ने प्रदेश में सड़क नेटवर्क के सुनियोजित विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को राज्यभर में यातायात की मौजूदा स्थिति, बढ़ती आबादी, औद्योगिक विकास, नए आर्थिक केंद्रों और भविष्य में संभावित यातायात दबाव का आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किन मार्गों को दो लेन और किन मार्गों को चार लेन करने की आवश्यकता है, इसका विस्तृत सर्वे कराया जाए। इसके आधार पर दीर्घकालिक मास्टर प्लान तैयार किया जाए। सीएम ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च केवल निर्माण पर होने वाला खर्च नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य में किया गया निवेश है। इसलिए परियोजनाओं का चयन करते समय यह आकलन किया जाना चाहिए कि इससे आवागमन, उद्योग, व्यापार, कृषि, पर्यटन, रोजगार और नागरिक सुविधाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना की अवधारणा और योजना तैयार करने से लेकर बजट प्रावधान, प्रशासकीय स्वीकृति, तकनीकी स्वीकृति, निविदा प्रक्रिया, कार्यादेश और निर्माण पूर्ण होने तक प्रत्येक चरण के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए।
बैठक में सीएम साय ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य सार्वजनिक भवनों की योजना तैयार करते समय केवल वर्तमान जरूरतों का आकलन पर्याप्त नहीं है। आने वाले वर्षों में विद्यार्थियों अथवा उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ने और नई सुविधाओं की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए भवनों की डिजाइन तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने शासन द्वारा किए जा रहे जनहितकारी विकास कार्यों और नई अधोसंरचना से नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी व्यापक रूप से लोगों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।



