आईएएस समेत 30 आबकारी अफसरों की 38 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच… ईडी का आरोप- इन अफसरों ने शासन को 86 करोड़ का नुकसान पहुंचाया
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चर्चित शराब घोटाले में ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन आबकारी आयुक्त आईएएस निरंजन दास सहित 30 आबकारी अधिकारियों की 38.21 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। यह कार्रवाई मामले में चल रही जांच का हिस्सा है। ईडी की जांच में आया है कि घोटाले में शामिल 30 आबकारी अधिकारियों ने 85.56 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की। अनुमान है कि इस घोटाले के कारण राज्य को 2,800 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व का नुकसान हुआ। ईडी ने 21.54 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति कुर्क की है, जिसमें 78 आवासीय प्लॉट और मकान, व्यावसायिक दुकानें तथा कृषि भूमि शामिल हैं। इसके अलावा 16.56 करोड़ रुपये की चल संपत्ति भी जब्त की गई है। इनमें 197 बैंक खाते और निवेश शामिल हैं, जिनमें सावधि जमा, बैंक खातों में जमा नकदी, जीवन बीमा पॉलिसियां, इक्विटी शेयर और म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो शामिल बताए गए हैं।
जांच में खुलासा हुआ है कि शराब घोटाले का संचालन एक संगठित सिंडिकेट द्वारा किया जा रहा था, जिसने आबकारी विभाग पर लगभग पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर लिया था। आरोप है कि तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारी निरंजन दास और अरुणपति त्रिपाठी, जो उस समय सीएसएमसीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे, ने राज्य हितों को नजरअंदाज करते हुए अवैध लाभ के लिए समानांतर आबकारी नीति लागू की।



