विधानसभा में “अविश्वास” पर चर्चा जारी, हो जाएगी आधी रात… अभी सीएम साय का जवाबी हमला बाक़ी… वोटिंग के आसार कम
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन 17 जुलाई को साय सरकार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में बेहद तीखी और मैराथन बहस देखने को मिल रही है। विपक्ष ने तो कड़े तेवर अपनाए ही हैं, सीएम विष्णुदेव साय, मंत्री और वरिष्ठ विधायक भी तीखा पलटवार कर रहे हैं। वार-पलटवार के कारण यह चर्चा रात 12 बजे या बाद तक चलने के पूरे आसार हैं। स्पीकर डॉ रमन सिंह ने रात 10 बजे पक्ष-विपक्ष के सदस्यों से संक्षिप्त संबोधन का आग्रह किया है। संसदीय जानकारों के अनुसार संख्या बल पूरी तरह से भाजपा सरकार के पक्ष में होने के कारण अविश्वास प्रस्ताव पर अंतिम रूप से केवल ध्वनि मत (Voice Vote) से ही फैसला होने की उम्मीद है और औपचारिक वोटिंग (Division Voting) की संभावना नहीं के बराबर है।
रात 10 पक्ष से नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत और पूर्व सीएम भूपेश बघेल भी हमलावर हैं।
बता दें कि शुक्रवार को सुबह विपक्ष का 136 बिंदुओं का ‘आरोप पत्र’नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सदन के पटल पर रखा गया है। इसी पर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोक की स्थिति बार बार बन रही है। सीएम साय तथा मंत्री ये कहकर हमलावर हैं कि यह अविश्वास प्रस्ताव कांग्रेस के पिछले 5 साल के घोटालों (जैसे कोयला और आबकारी घोटाला) को उजागर करने का एक बेहतरीन मौका है। सदन में दोनों पक्षों के बीच लगातार हो रही नोकझोंक और हंगामे के कारण कार्यवाही को कुछ समय के लिए स्थगित भी करना पड़ा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सभी सदस्यों से संसदीय मर्यादा और गरिमा बनाए रखने की अपील की है। चर्चा के अंत में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के भाषण के बाद देर रात प्रस्ताव पर फैसला सुनाया जाएगा।



