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टैक्स बकाया, यात्री सुरक्षा और परमिट पर अब जीरो टॉलरेंस… परिवहन सचिव एस प्रकाश, अपर आयुक्त रविशंकर का कड़ा रुख… वाहन जब्त, दंडात्मक कार्रवाई भी


​छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने वाहनों के संचालन में अनुशासन, परमिट लेकर गाड़ियां नहीं चलाने और बकाया टैक्स पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना ली है। परिवहन विभाग के सचिव आईएएस एस प्रकाश और अपर आयुक्त आईपीएस डी रविशंकर ने प्रदेशभर के ​क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों (RTO), जिला परिवहन अधिकारियों (DTO), प्रवर्तन अमले, बस संचालकों एवं वाहन डीलर एसोसिएशन के साथ आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक में कड़ा संदेश दिया है।

इस विस्तारित बैठक में सभी RTO/DTO अपने-अपने क्षेत्र में वाहनों पर बकाया कर की वसूली के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। सचिव एस प्रकाश ने कहा कि  बकाया टैक्स वसूली के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाएं अपर आयुक्त रविशंकर ने ​सभी जांच चौकियों (CP) और फ्लाइंग स्क्वॉड (Ply) को बकायादार वाहनों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि  बकाया कर वसूला जा सके।

समीक्षा के दौरान उच्चाधिकारियों ने निर्देशित किया कि सभी RTO/DTO अपने जिला मुख्यालय के पास स्थित बस स्टैंडों पर बसों के संचालन की नियमित और कड़ाई से मॉनिटरिंग करें। बस स्टैंडों पर वाहनों के संचालन के संबंध में प्रतिदिन की रिपोर्ट (Vehicle Movement Report) प्राप्त की जाए। ​यदि फील्ड में बसों का संचालन अनुमत समय सारिणी (Timetable) के अनुसार नहीं पाया जाता है, तो संबंधित बस संचालक के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

​ समीक्षा में यह पाया गया कि कई मामलों में बस परमिट लेने के उपरांत भी संबंधित मार्गों पर बसों का संचालन नहीं किया जा रहा है। इससे उस मार्ग पर अन्य आवेदकों को बस परमिट नहीं मिल पाता है और यात्रियों को असुविधा होती है। परिवहन सचिव ने ऐसे मामलों की पहचान कर परमिट निरस्तीकरण की कार्यवाही करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र संचालकों को अवसर मिल सके। यही नहीं, निजी बस संचालकों की जो बसें बिना उपयोग (Unused) के खड़ी हैं, उनकी जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने हेतु कड़े निर्देश दिए गए। लग्जरी बसों (Luxury Busses) में ज्वलनशील पदार्थ, अवैध सामग्री या अत्यधिक मात्रा में कमर्शियल लगेज के परिवहन की सघन जांच करने और पाए जाने पर तत्काल ज़ब्ती एवं FIR दर्ज कराने के लिए भी कह दिया गया है।

समीक्षा बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की त्वरित मदद हेतु “प्रधानमंत्री राहत योजना” को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित करने के निर्देश दिए गए। सभी ​RTO/DTO को निर्देशित किया गया कि ​जिले के सार्वजनिक स्थलों, अस्पतालों, पुलिस थानों, जिला बल और ट्रैक्सी स्टैंड आदि स्थानों पर इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें ताकि लोग घायलों की मदद के लिए आगे आएं।

​डीएल टेस्ट का पर्यवेक्षण: यह कड़े निर्देश दिए गए कि ड्राइविंग लाइसेंस हेतु आयोजित होने वाला डीएल टेस्ट (Driving Skill Test) केवल RTO अथवा प्राधिकृत प्रवर्तन अधिकारी की प्रत्यक्ष उपस्थिति और पर्यवेक्षण में ही परिवहन कार्यालय (Transport Premises) के भीतर लिया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।

एसोसिएशन ने भी अपनी दिक्कतें बताईं

वाहन डीलर एसोसिएशन ने नए वाहनों के पंजीयन में आने वाली तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतों को उच्चाधिकारियों के समक्ष रखा। परिवहन आयुक्त ने आश्वस्त किया कि उनकी जायज समस्याओं का त्वरित निराकरण विभागीय स्तर पर किया जाएगा। ‘यूज्ड कार’ (पुरानी कार) व्यवसाय और वाहन नामांतरण की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने हेतु आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। कैमरा और अन्य माध्यमों से जनरेट हुए ई-चालानों के भुगतान और निराकरण की प्रक्रिया को सरल (Simplification) बनाने के निर्देश दिए गए।
​यह भी कहा गया कि यदि किसी वाहन स्वामी द्वारा ई-चालान में किसी त्रुटि (उदाहरण- गलत वाहन नंबर या गलत धारा) के संबंध में आपत्ति दर्ज कराई जाती है, तो विभागीय अधिकारी तत्काल उसका सत्यापन (Verification) करें और त्रुटिपूर्ण पाए जाने पर नियमानुसार निरस्तीकरण (Cancellation) की कार्यवाही करें।

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