छत्तीसगढ़ में बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका व्हाट्सएप पर देने का बनेगा सिस्टम… सीएम साय ने सिस्टम बनाने के दिए निर्देश… आरआई पटवारी भर्ती के संकेत
सीएस विकासशील, सीएम के प्रधान सचिव सुबोध सिंह के साथ मंत्री टंकराम वर्मा भी बैठक में

छत्तीसगढ़ में जल्दी ही बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका एवं भूमि संबंधी अन्य जानकारी व्हाट्सएप से उपलब्ध करवाने के लिए नया सिस्टम बनेगा। सीएम विष्णुदेव साय ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के कार्यों की हाईलेवल मीटिंग में समीक्षा के दौरान कहा कि किसानों को बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका तथा भूमि संबंधी अन्य जानकारी व्हाट्सएप से मिलेगी तो तहसील अथवा पटवारी कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। यही नहीं, आरबीसी 6-4 के प्रकरणों का त्वरित एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित किया जाए। सीएम ने अविवादित फौती नामांतरण की प्रक्रिया पंचायतों के माध्यम से करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही के निर्देश भी दिए।
हाईलेवल मीटिंग में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, संयुक्त सचिव प्रभात मलिक, राजस्व सचिव शम्मी आबिदी और विशेष सचिव इफ़्फत आरा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सीएम साय ने अफसरों से कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति राजस्व प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह एवं भ्रष्टाचारमुक्त बनाना है। राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। नागरिकों को बिना अनावश्यक कार्यालयीन आवागमन के गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सीएम ने राजस्व विभाग में पटवारी, राजस्व निरीक्षक, लिपिक एवं अन्य रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती, तहसीलों के अधोसंरचना विकास तथा तहसीलदारों के लिए आवश्यक वाहन उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक में VASUNDHARA (Verified Accessible System for Unified Digital Land Records & Historical Archives) परियोजना की भी समीक्षा की गई। सीएम ने नकल शाखा को पूर्णतः ऑनलाइन करने के लिए इस परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत राज्य के सभी जिला एवं तहसील कार्यालयों के महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेखों का एकीकृत डिजिटल अभिलेखागार विकसित किया जाएगा। इससे प्रमाणित अभिलेखों का निर्गमन कुछ ही मिनटों में संभव होगा तथा अभिलेखों में छेड़छाड़ की संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
बैठक में स्वामित्व योजना, वन अधिकार पट्टों की प्रविष्टि एवं नामांतरण, पट्टाधृति अधिनियम-2023 के प्रभावी क्रियान्वयन, एग्री स्टैक, फार्मर रजिस्ट्री एवं एक्सेम्प्टेड कैटेगरी फार्मर रजिस्ट्री की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने आगामी खरीफ सीजन के डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं गिरदावरी की सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।



