भाजपा का कांग्रेस पर वार… विश्व आदिवासी दिवस विदेशी अवधारणा… जनजातीय गौरव दिवस है वीरों की स्मृति का पर्व
छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी ने “विश्व आदिवासी दिवस” की अवधारणा को विदेशी करार दिया और कहा कि “जनजातीय गौरव दिवस” ही भारत के गौरव का स्मृति पर्व है। भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा आदिवासियों को शोषित और वंचित रखने का काम किया है। जबकि भाजपा ने देश को आदिवासी राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री दिया है।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने दो टूक कहा है कि तथाकथित ‘विश्व आदिवासी दिवस’ एक विदेशी अवधारणा है। इसका भारत के जनजातीय समाज से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से भारत की अपनी माटी के वीर सपूतों को नमन करने और उनके सम्मान में दिवस मनाने की परम्परा में विश्वास रखती है।प्रवक्ता ठाकुर ने कांग्रेस पार्टी पर आदिवासी समाज की उपेक्षा और उनके वीर सपूतों के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा भगवान बिरसा मुण्डा, शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गेंद सिंह नायक और वीर गुण्डाधुर जैसे महान देशभक्तों को नमन करती आई है। स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज के इन वीर सपूतों का योगदान अतुलनीय रहा है। लेकिन दशकों तक सत्ता में रही कांग्रेस ने केवल गांधी परिवार के महिमामण्डन में इन महान शहीदों के बलिदान को इतिहास के पन्नों से दूर रखा।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा ने आदिवासी समाज के सशक्तीकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। भाजपा सरकार ने आदिवासी युवाओं को शिक्षित कर उन्हें डॉक्टर, इंजीनियर, कलेक्टर, और एसपी बनाने का मार्ग प्रशस्त किया। भाजपा ने आदिवासी समाज को न केवल प्रशासनिक और सामाजिक मुख्यधारा से जोड़ा, बल्कि उन्हें देश का सर्वोच्च राजनीतिक सम्मान भी दिया। भाजपा ने सर्वसमावेशी सोच का परिचय देते हुए देश को श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के रूप में पहली बार आदिवासी समाज से राष्ट्रपति देने का ऐतिहासिक कार्य किया। भाजपा ने देश के राज्यों में आदिवासी समाज के योग्य नेताओं को मुख्यमंत्री बनाकर नेतृत्व की कमान सौंपी। श्री ठाकुर ने कहा कि आदिवासी समाज अब जागृत हो चुका है। वह जान चुका है कि कौन उनका सच्चा हितैषी है और किसने उन्हें सिर्फ राजनीतिक इस्तेमाल के लिए अंधेरे में रखा? भाजपा आगे भी आदिवासी समाज के मान-सम्मान, उनकी संस्कृति और उनके सर्वांगीण विकास के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करती रहेगी। पीएम नरेंद्र मोदी ने नवाचारों के द्वारा हमारे गौरव की पुनर्स्थापना का कार्य किया है। जनजातीय गौरव दिवस सच्चे अर्थों में जनजातीय अस्मिता और गौरव का प्रतीक है।



