एमपी की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का फॉर्म निरस्त होने के ख़िलाफ़ भूपेश बघेल व कांग्रेस नेताओं का चुनाव आयोग के दिल्ली दफ्तर पर धरना
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल, सचिन पायलट और जयराम रमेश के साथ नई दिल्ली में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे। यह धरना मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के विरोध में दिया गया।
मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निर्वाचन अधिकारी (रिटर्निंग ऑफिसर) ने दो दिन पहले रद्द कर दिया था। बीजेपी की आपत्ति के बाद यह फैसला लिया गया, क्योंकि नटराजन ने चुनावी हलफनामे में अपने खिलाफ चल रहे एक अदालती मामले की जानकारी नहीं दी थी। कांग्रेस ने इस फैसले को “सीट चोरी” और लोकतंत्र की हत्या करार दिया है। वहीं भाजपा ने इसे नियमों के तहत ‘सत्य की जीत’ बताया है।
भूपेश बघेल ने बताया कि वे मध्य प्रदेश के रिटर्निंग ऑफिसर के निर्णय के खिलाफ आवेदन देने दिल्ली स्थित मुख्य चुनाव आयोग पहुंचे थे, लेकिन तब तक दफ्तर बंद हो चुका था। आवेदन जमा करने की जगह न मिलने के कारण सभी नेता आधी रात को दफ्तर के बाहर ही धरने पर बैठ गए। नेताओं के विरोध और धरने के बाद चुनाव आयोग के क्लर्क ने रात करीब 7:25 बजे उनका आवेदन स्वीकार किया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि यह आवेदन देना जरूरी था ताकि भविष्य में अदालत (कोर्ट) जाने का रास्ता साफ हो सके।



