छत्तीसगढ़ के नीट विरोध प्रदर्शनों में अश्लील पोस्टर पर एक्शन… दिल्ली पुलिस की तरह प्रदेश साइबर सेल में जांच, फ़ोन पर फॉरवर्ड करनेवालों की तलाश
छत्तीसगढ़ में नीट (NEET) पेपर लीक के विरोध प्रदर्शनों के दौरान लहराए गए अश्लील पोस्टर और इन्हें मोबाइल पर फॉरवर्ड करनेवालों की दिल्ली पुलिस की तर्ज पर छत्तीसगढ़ पुलिस ने भी तलाश शुरू कर दी है। प्रदेश के साइबर सेल ने सोशल मीडिया रिकॉर्ड और वीडियो के आधार पर विवादित पोस्टरों को लहराने तथा इंटरनेट पर वायरल करने वाले आरोपियों की पहचान शुरू की है। अफ़सरों ने बताया कि ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की तैयारी है।
पुलिस ने बताया कि प्रदेश के रायपुर समेत प्रदेश के 33 जिलों में हुए प्रदर्शनों के दौरान आपत्तिजनक पोस्टर प्रदर्शित किए थे। पुलिस अब सीसीटीवी (CCTV), वीडियो फुटेज और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इन चेहरों की पहचान कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में केवल प्रदर्शन के दौरान पोस्टर लहराने वालों पर ही नहीं, बल्कि उन तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड, शेयर या प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी। जांच में यह भी सामने आया कि प्रदर्शनों के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर कुछ नाबालिग बच्चों के हाथों में भी ये विवादित और अश्लील पोस्टर थमा दिए गए थे।
छत्तीसगढ़ में नीट परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के विरोध में ‘जेन-जी’ (Gen-Z) संगठन और अन्य छात्र समूहों द्वारा करीब 36 दिनों तक लगातार प्रदर्शन किए गए थे। इस छात्र आंदोलन के दौरान छत्तीसगढ़ में बीजेपी (BJP) और कांग्रेस (Congress) के बीच भी जमकर राजनीतिक टकराव देखने को मिला था। कई प्रदर्शनों में छात्रों और अभिभावकों ने यह आरोप भी लगाया कि कुछ राजनेताओं ने छात्रों के मूल मुद्दे को भटकाकर आंदोलन को गलत दिशा में मोड़ने का प्रयास किया।



