आज की खबर

छत्तीसगढ़ में बड़े-छोटे शहरों के सरकारी स्कूलों में भोजन अब सीधे एक विशाल किचन से… शिक्षा सचिव ने जारी किए निर्देश, कमान कलेक्टरों को

राजधानी रायपुर समेत छत्तीसगढ़ कि सभी नगर निगम, नगरपालिका और नगर पंचायत इलाकों के सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन स्कूलों के बजाय विशाल सेंट्रलाइज्ड किचन से सप्लाई किया जाएगा। शहरी इलाकों के स्कूलों में मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal / PM POSHAN) की व्यवस्था के लिए केंद्रीकृत रसोईघर (Centralized Kitchen) मॉडल को अपनाते हुए शिक्षा विभाग ने जिलों में समितियां बनाने के निर्देश जारी कर दिए है, जिनकी कमान कलेक्टरों को सौंपी जाएगी। स्कूल शिक्षा सचिव डॉ कमलप्रीत सिंह ने इस आशय के निर्देश जारी करते हुए कमेटियों का गठन कर सेंट्रलाइज्ड किचन को चिह्नित करने और किचन के संचालन के लिए पात्र संस्थाओं के लिए टेंडर जारी करने को कहा है।

अभी भारत सरकार की नीति के अनुसार आमतौर पर स्कूल परिसरों में ही भोजन पकाया जाता है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में जगह की कमी और सघन आबादी को देखते हुए केंद्रीकृत रसोईघर स्थापित करने का विशेष प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ इसी मॉडल को शुरू करने जा रहा है। इसकी वजह ये है कि शहरी सरकारी स्कूलों में अलग से बड़ा रसोईघर (Kitchen Shed) बनाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। दूसरा, स्कूल में खाना बनाने की झंझट न होने से शिक्षक पूरी तरह अध्यापन कार्यों पर ध्यान दे पाते हैं। एक और सोच यह है कि एक ही आधुनिक और अत्याधुनिक प्लांट (जैसे अक्षय पात्र फाउंडेशन या अन्य अनुबंधित संस्थाओं द्वारा संचालित) में भारी मात्रा में भोजन तैयार होने से स्वच्छता (Hygiene) और पौष्टिकता का स्तर बेहतर बना रहता है। नए मॉडल में भी पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए आधुनिक इंसुलेटेड वाहनों के माध्यम से स्कूलों तक सीधे गरम और ताजा भोजन पहुँचाया जाएगा। शासन का मानना है कि केंद्रीकृत रसोईघरों (Centralized Kitchens) में बड़े स्तर पर ऑटोमैटिक मशीनों का उपयोग होने से रोटियां और अन्य पकवान बेहद कम समय में और साफ-सफाई के साथ हजारों बच्चों के लिए एक साथ तैयार हो जाते हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार ने बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए मध्याह्न भोजन के मीनू में बड़े बदलाव किए हैं। अब शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों के बच्चों को हफ्ते में कुछ दिन कोदो-कुटकी, रागी और मिलेट चिक्की (बाजरा आधारित पौष्टिक आहार) परोसा जा रहा है। छत्तीसगढ़ खाद्य और पोषण सुरक्षा अधिनियम Chhattisgarh Food and Nutrition Security Act के तहत बच्चों को निम्नलिखित पोषण दिया जाता है:

• कक्षा 1 से 5 – 450 कैलोरी और 12 ग्राम प्रोटीन।
• कक्षा 6 से 8 – 700 कैलोरी और 20 ग्राम प्रोटीन।

 

 

 

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button