सुशासन फेलोशिप कर रहे 36 युवाओं से सीएम साय का सीधा संवाद… कैट स्कोर और IIM की प्रक्रिया से चुनें गए हैं युवा… जिलों के विकास में करेंगे मदद


छत्तीसगढ़ में एक्सक्लूसिव तौर पर चलाई जा रही सुशासन फेलोशिप के सेकंड बैच के 36 युवाओं से सीएम विष्णुदेव साय ने आज रायपुर में संवाद किया और उन्हें आश्वस्त किया कि उनका लक्ष्य निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारकर रोजगार के ज़्यादा से ज़्यादा मौके देना है। युवाओं के ऐसे सवालों के जवाब भी सीएम साय ने दिए, जो फेलोशिप को लेकर अपेक्षाओं, सुशासन, शिक्षा, रोजगार, निवेश, आधुनिक तकनीक, प्रदेश के विकास में युवाओं की भूमिका और उनके व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक जीवन की यात्रा से जुड़े थे।
सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आईआईएम रायपुर और ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया के सहयोग से सीएम सुशासन फेलोशिप संचालित की जा रही है। द्वितीय बैच के लिए कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) स्कोर और आईआईएम की प्रक्रिया से 36 युवाओं का चयन किया गया है। इनमें दंतेवाड़ा, बस्तर और जशपुर सहित प्रदेश के 14 जिलों के युवा शामिल हैं। इन्हीं यूवा फेलो के प्रश्न पर सीएम ने अपने बचपन और संघर्ष के दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि लगभग दस वर्ष की उम्र में पिता के आकस्मिक निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। चार भाइयों में सबसे बड़े होने के कारण मां, दादी और छोटे भाइयों की देखभाल के साथ खेती-बाड़ी की जिम्मेदारी भी उन्हें संभालनी पड़ी। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं बैलों से हल चलाने सहित खेती के विभिन्न कार्य किए। इन परिस्थितियों ने कम उम्र में ही उन्हें परिश्रम, जिम्मेदारी और कठिन परिस्थितियों का सामना करना सिखाया।
सुशासन एवं अभिसरण विभाग तथा सीएम के सचिव राहुल भगत ने सुशासन फेलोशिप की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि द्वितीय बैच में चयनित 36 युवा इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रबंधन, गणित, वाणिज्य और अर्थशास्त्र जैसे विविध विषयों की पृष्ठभूमि से आए हैं। इनमें कुछ प्रतिभागी अपने स्टार्टअप भी संचालित कर रहे हैं। दो वर्षीय फेलोशिप कार्यक्रम में कुल पांच माह का अध्ययन एवं प्रशिक्षण तथा 19 माह का मैदानी अनुभव शामिल है। प्रारंभिक तीन माह आईआईएम रायपुर में प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागी जिला प्रशासन के साथ जुड़कर योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और जनसेवाओं की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझेंगे।
फेलो प्रशिक्षण और मैदानी कार्य-अनुभव के आधार पर योजनाओं की निगरानी, नीतिगत विश्लेषण, विभागीय समन्वय तथा जनसेवाओं में सुधार के प्रयासों में सहयोग देंगे। द्वितीय बैच के तीन दिवसीय प्रशिक्षण एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम में राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, सुशासन की प्राथमिकताओं, लोक सेवा गारंटी, हितधारकों की पहचान तथा मैदानी कार्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में आईआईएम रायपुर के निदेशक प्रोफेसर संजीव पराशर, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के उप सचिव sur साहू सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।



