आख़िरी बड़ा नक्सली 2 करोड़ का इनामी मिसिर बेसरा अरेस्ट… जंगल में टाटा मैजिक को घेरकर फ़ोर्स ने उतारा… साथ में दो और गिरफ्तार
माओवाद विरोधी अभियानों में सफ़ाए के दौरान जंगलों में छिपे आख़िरी बड़े नक्सली तथा प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के शीर्ष पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा को गिरफ्तार कर लिया गया है। उस पर झारखंड में 1 करोड़ तथा छत्तीसगढ़ समेत कुछ राज्यों व एजेंसियों को मिलाकर ₹2.20 करोड़ रुपए का इनाम था। केंद्रीय खुफिया एजेंसी (IB), झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ (CRPF) और कोबरा (CoBRA) बटालियन ने एक संयुक्त ‘ऑपरेशन सुदर्शन’ चलाकर उसे धनबाद-गिरिडीह सीमा पर बिना कोई गोली चलाए दबोच लिया। वह अपने साथियों के साथ एक टाटा मैजिक गाड़ी से जा रहा था।
मिसिर बेसरा के साथ दो अन्य बड़े नक्सली—25 लाख का इनामी स्पेशल एरिया कमांडर मेहनत उर्फ मोछू और गौरव उर्फ सौरभ भी पकड़े गए हैं। लगभग 20 साल से सुरक्षा एजेंसियों को छका रहा मिसिर बेसरा 140 से अधिक गंभीर मामलों (जैसे हत्या, आईईडी ब्लास्ट और पुलिस पर हमले) में मोस्टवांटेड था। पुलिस के मुताबिक, मिसिर बेसरा देश में सक्रिय माओवादियों के शीर्ष नेतृत्व (पोलित ब्यूरो) का आखिरी बड़ा स्तंभ था। उसकी गिरफ्तारी से झारखंड के बड़े इलाके में नक्सली नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। इस बड़े ऑपरेशन से ठीक पहले झारखंड पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण 16 अन्य नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण किया था। जिनमें 15 लाख का इनामी संतोष महतो शामिल है।



