बच्चों में लंबे स्क्रीन टाइम से ड्राई आई से लेकर धुंधला दिखाई देने का खतरा… 20 मिनट स्क्रीन देखा तो फिर इतने ही समय दूर देखना ज़रूरी- डॉ मिश्र

इलेक्ट्रॉनिक गैजेट जैसे मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल स्क्रीन कि बेतहाशा इस्तेमाल से बच्चों से वृद्धों तक की आंखों के लिए खतरा बढ़ रहा है। लंबे स्क्रीन टाइम से आंखों में सूखापन (ड्राई आई), जलन, सिरदर्द, धुंधला दिखाई देना तथा कंप्यूटर विज़न सिंड्रोम जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ दिनेश मिश्र ने रोटरी क्लब में आयोजित व्याख्यान में कहा कि इससे बचने के लिए 20-20-20 नियम अपनाएं—हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें, बार-बार पलकें झपकाएं, उचित रोशनी में काम करें तथा स्क्रीन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्टडीज और अपने अनुभव के आधार पर डॉ दिनेश मिश्र ने आँखों की समस्याओं पर बताया कि विटामिन ए की कमी बच्चों में रतौंधी तथा कॉर्निया को गंभीर क्षति पहुंचा सकती है। हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, पपीता, आम, दूध और अंडे जैसे पौष्टिक आहार विटामिन-ए के अच्छे स्रोत हैं। बैक्टीरियल, वायरल तथा फंगल संक्रमण भी आंखों में लालिमा, दर्द, पानी आना और दृष्टि कम होने का कारण बन सकते हैं। यही नहीं, आंखों की चोटें बच्चों में खिलौनों, पेंसिल, तीर-कमान तथा अन्य नुकीली वस्तुओं से हो सकती हैं। इसलिए बच्चों को नुकीले खिलौने देने से बचना चाहिए। डॉ मिश्र ने कहा कि नियमित नेत्र परीक्षण, संतुलित एवं पौष्टिक आहार, स्वच्छता, सुरक्षात्मक उपाय, मधुमेह और उच्च रक्तचाप का नियंत्रण तथा समय पर उपचार अपनाकर अधिकांश नेत्र रोगों से बचाव किया जा सकता है।



