डायल 112 में अब एआई पॉवर के साथ 500 नई गाड़ियों का बेड़ा… गृहमंत्री अमित शाह ने दिखाई झंडी, सीएम साय-डॉ रमन भी मौजूद… शाह रायपुर से बस्तर गए


केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज राजधानी रायपुर में भव्य समारोह में ‘अत्याधुनिक डायल 112’ इमरजेंसी सेवा तथा आधुनिक फॉरेंसिक मोबाइल वैन के बेड़े को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सीएम विष्णुदेव साय, स्पीकर डॉ रमन सिंह, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, डीजीपी अरुणदेव गौतम और स्पेशल डीजी प्रदीप गुप्ता की मौजूदगी में हुए समारोह में लगभग 500 नई गाड़ियां डायल 112 के बेड़े में शामिल कर ली गईं। पीटीएस माना में हुए इस आयोजन के बाद गृहमंत्री शाह बस्तर रवाना हो गए, जहां वे कल, 19 मई को शाम तक रहेंगे।

डायल 112 सेवा अब राज्य के सभी 33 जिलों में पूरी तरह लागू हो गई है, जो पहले केवल 16 जिलों तक सीमित थी। सुरक्षा मानकों और सहायता क्षमता को मजबूत करने के लिए डायल 112 एआई आधारित लोकेशन पहचान तकनीक को जोड़ा गया है, जिससे संकट में फंसे व्यक्ति की वास्तविक भौगोलिक स्थिति का सटीक पता लगाया जा सकेगा।
आपातकालीन कॉल और आंकड़ों का संचालन बिना किसी बाधा के जारी रखने के लिए सिविल लाइंस स्थित प्राथमिक नियंत्रण केंद्र के अतिरिक्त नया रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में वैकल्पिक बैकअप प्रणाली पर आधारित दूसरा नियंत्रण केंद्र भी सक्रिय किया गया है। अफसरों ने बताया कि आज 400 नए अत्याधुनिक आपातकालीन वाहन, 33 विशेष निगरानी वाहन तथा 60 नए राजमार्ग गश्ती वाहन विभिन्न जिलों के लिए रवाना किए गए। डायल 112 सेवा में महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस व्यवस्था में पैनिक बटन और विशेष निगरानी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं, जिससे पुलिस सहायता, एम्बुलेंस, अग्निशमन सेवा तथा महिला सहायता हेल्पलाइन को एकीकृत मंच पर उपलब्ध कराया जा सकेगा।
आपराधिक न्याय प्रणाली को पूरी तरह साक्ष्य आधारित बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के सभी 33 जिलों के लिए आधुनिक फॉरेंसिक मोबाइल प्रयोगशालाओं का गठन किया है, जिनमें से 32 फॉरेंसिक मोबाइल वैन आज मैदानी कार्य के लिए रवाना की गईं। ये वैन घटनास्थल पर जांच करने वाले उपकरणों से सुसज्जित चलती-फिरती प्रयोगशालाएं हैं। इन मोबाइल फॉरेंसिक वैन में रक्त नमूना परीक्षण किट, डिजिटल साक्ष्य संग्रहण उपकरण, सीसीटीवी दृश्य सामग्री निकालने की प्रणाली, अंतर्निहित जीपीएस, उच्च क्षमता वाले लैपटॉप, कंप्यूटर तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए जनरेटर लगाए गए हैं। साथ ही, रात अथवा कम रोशनी में साक्ष्य सुरक्षित करने के लिए इनमें विशेष रात्रि दृष्टि कैमरे और अन्य उच्च क्षमता वाले कैमरे भी स्थापित किए गए हैं।



