छत्तीसगढ़ के 41 नक्सली और आखिरी बड़े कमांडर का हैदराबाद में सरेंडर… ऑटोमैटिक वैपन्स के साथ 800 ग्राम सोना भी सौंपा पुलिस को
छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर से लगे तेलंगाना में आज, 10 अप्रैल को नक्सलवाद के खिलाफ एक और बड़ी सफलता मिली है। हैदराबाद में तेलंगाना डीजीपी के सामने 42 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। सरेंडर करने वालों में प्रतिबंधित CPI (माओवादी) के PLGA बटालियन-1 का कमांडर सोडी केशालू (Sodi Keshalu) उर्फ सोडी केशा शामिल है। केशालू पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 25 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। इस सरेंडर को बस्तर और तेलंगाना सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
नक्सलियों ने अपने साथ 36 अत्याधुनिक हथियार सौंपे हैं, जिनमें 5 AK-47, 4 SLR राइफल और इंसास राइफलें शामिल हैं। इसके अलावा, 800 ग्राम सोना भी पुलिस के हवाले किया है, जिसकी कीमत लगभग ₹1 करोड़ आंकी गई है। तेलंगाना के डीजीपी बी शिवधर रेड्डी के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले इन सदस्यों को कुल ₹1.93 करोड़ का पुनर्वास पैकेज दिया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, उन्हें हेल्थ कार्ड और अन्य सरकारी सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। अधिकारियों का मानना है कि इस सरेंडर के साथ तेलंगाना राज्य समिति (TSC) और PLGA की परिचालन क्षमता लगभग समाप्त हो गई है। सरेंडर करने वाले 42 लोगों में से 41 नक्सली छत्तीसगढ़ के हैं और केवल एक तेलंगाना का रहने वाला है।



