कांग्रेस नेता रामगोपाल और पूर्व अफसर अरुणपति को जमानत… लेकिन कई केस होने के कारण अभी रामगोपाल जेल में ही रहेंगे
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित घोटालों में बिलासपुर हाईकोर्ट ने रामगोपाल अग्रवाल और अरुणपति त्रिपाठी को जमानत दे दी है। इनमें से सिर्फ अरुणपति त्रिपाठी ही जेल से रिहा हो पाएंगे, जबकि रामगोपाल अग्रवाल को अभी जेल में ही रहना होगा।
दोनों फैसले बिलासपुर हाईकोर्ट की अलग-अलग बेंचों ने याचिकाओं पर सुनवाई के बाद दिए हैं। छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग के पूर्व एमडी अरुणपति त्रिपाठी 95 दिनों से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। उन्हें कथित 182.98 करोड़ रुपये के मैनपावर घोटाला मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। चूंकि उनके खिलाफ अन्य कोई मामला लंबित नहीं है, इसलिए वे जेल से बाहर आ जाएंगे।
कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज शराब घोटाला (आबकारी घोटाला) मामले में तो हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है, लेकिन इसके बावजूद वे जेल से रिहा नहीं हो सकेंगे। रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ कथित कोयला (कोल) घोटाला और चावल घोटाले से जुड़े अन्य मामले भी दर्ज हैं। इन मामलों में जमानत नहीं मिलने और कानूनी प्रक्रिया लंबित होने के कारण उन्हें फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में ही रहना होगा।



