असम में हार के बाद कांग्रेस को आक्रामक प्रभारी की ज़रूरत थी, इसलिए भूपेश को भेजा… छत्तीसगढ़ में पायलट की जगह लेना नए प्रभारी सुखदेव भगत के लिए पहली चुनौती
कांग्रेस आलाकमान ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए झारखंड से सांसद सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक्त किया है। सुखदेव भगत को सचिन पायलट की जगह यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। सचिन पायलट की संगठनात्मक क्षमता के कारण उन्हें पंजाब का प्रभारी बना दिया गया। असम में हर के बाद प्रभारी जितेंद्र सिंह ने इस्तीफ़ा दे दिया था। वहाँ कांग्रेस को आक्रामक प्रभारी की ज़रूरत थी, इसलिए भूपेश बघेल को भेजा गया। जहां तक छत्तीसगढ़ का सवाल है, सुखदेव भगत के लिए बड़ी चुनौती यह भी होगी कि उनके हर फैसले की तुलना अगले कुछ समय तक पायलट से की जाएगी।
सुखदेव भगत झारखंड की लोहरदगा लोकसभा सीट से कांग्रेस के मौजूदा सांसद हैं। वे झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (JPCC) के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और झारखंड के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं। उन्हें एक सुलझा हुआ और अनुभवी नेता माना जाता है। इसी संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें छत्तीसगढ़ जैसे महत्वपूर्ण राज्य का प्रभारी बनाया है।
उधर, राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भूपेश बघेल को असम भेजने का मुख्य कारण यह है कि वहाँ कांग्रेस के पूर्व प्रभारी जितेन्द्र सिंह ने राज्य में विधानसभा चुनाव के दौरान मिली हार के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में असम जैसे महत्वपूर्ण पूर्वोत्तर राज्य के लिए कांग्रेस को एक अनुभवी और वरिष्ठ संगठनात्मक चेहरे की जरूरत थी। वहाँ सरकार की कार्यशैली के लिहाज़ से कांग्रेस को बहुत आक्रामक चेहरे की भी तलाश थी, जिसके लिए भूपेश बघेल को सबसे उपयुक्त माना गया। हालांकि भूपेश को पंजाब के प्रभार से मुक्त किया गया है। इसके पर्चे वजह यह बताई गई है कि वहां पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वाडिंग के गुटों में अंदरूनी खींचतान को संभालने में भूपेश बघेल पूरी तरह सफल नहीं हो पा रहे थे। आगामी विधानसभा चुनावों में बगावत को रोकने के लिए भी कांग्रेस ने पंजाब में सचिन पायलट को तैनात किया है।



