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जानलेवा ब्लू वाटर : गहराई 400 फीट पर गोताखोरों की पहुंच 100 फीट ही… 72 घंटे में भी लापता युवक का सुराग नहीं… प्रशासन की रेस्क्यू क्षमता पर गंभीर सवाल

नया रायपुर में नकटी गांव के पास ब्लू वाटर खदान (झील) में तैरते समय लापता हुए आदिल (24) का 72 घंटे बाद भी पता नहीं चला है। इस हादसे ने नया रायपुर प्रशासन की रेस्क्यू क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ब्लू वाटर झील 400 फ़ीट तक गहरी बताई जा रही है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ जैसी रेस्क्यू एजेंसियां 100 फीट से ज़्यादा गहराई में नहीं जा पा रही हैं। शनिवार को भी सुबह रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ, लेकिन लगातार बारिश से बुरी तरह प्रभावित है। इस झील में पिछले कुछ साल में 10 लोगों की जान जा चुकी है और दुर्भाग्य से सभी युवा थे। पत्थर और मुरुम के लिए किन एजेंसियों ने इतने खुदाई की, जिनकी वजह से यह जानलेवा झील अस्तित्व में आई, और खतरा पता होने के बाद भी इसकी घेराबंदी और सुरक्षा इंतज़ाम नहीं होने पर भी सवाल उठे हैं।

द स्तम्भ की इन्वेस्टीगेशन में यह तथ्य आए हैं कि ब्लू वाटर खदान (Blue Water Mine) किसी एक व्यक्ति ने अपने निजी इस्तेमाल के लिए नहीं खोदी थी। यह नकटी गाँव (माना थाना क्षेत्र) में स्थित एक पुरानी पत्थर की व्यावसायिक खदान (Stone Quarry) है। यहाँ डेढ़ दशक पहले तक व्यावसायिक रूप से गिट्टी और मुरम (लाल मिट्टी/पत्थर) निकालने के लिए माइनिंग (खनन) कंपनियों और ठेकेदारों द्वारा भारी मशीनों से गहरी खुदाई की थी। खनन का काम बंद होने के बाद, बारिश का पानी इस गहरी खदान में जमा हो गया। यहाँ का पानी अत्यधिक साफ और गहरा (लगभग 250 से 400 फीट तक) होने के कारण, सूर्य की किरणों के परावर्तन (reflection) से यह चमकीला नीला (Blue) दिखाई देता है। इसी वजह से स्थानीय लोग इसे ‘ब्लू वाटर पॉइंट’ कहने लगे।

यह झील सुंदर लगती है, इसलिए लोग यहाँ पिकनिक मनाने और घूमने आते हैं। लेकिन यह एक प्रतिबंधित और बेहद खतरनाक क्षेत्र है। पानी बहुत गहरा होने और नीचे नुकीले पत्थर होने के कारण यहाँ नहाने या तैरने की कोशिश करने वाले कई लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। तीन दिन पहले यहीं तैर रहा आदिल एक वीडियो में डूबता हुआ नज़र आया। 72 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशंस में उसका भी पता नहीं चला है। रेस्क्यू एजेंसियों का कहना है कि अत्यधिक गहराई, पानी में नीचे बहुत कम विसिबिलिटी और रुक रुककर लगातार बारिश से तलाश में दिक्कत आ रही है। एडिशनल एसपी ग्रामीण संदीप मित्तल ने आज शनिवार को दोपहर 2.30 बजे बताया कि आदिल का अब तक पता नहीं चल पाया है।

ब्लू वाटर झील में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशंस पर जनप्रतिनिधि लगातार सवाल उठा रहे हैं कांग्रेस पार्षद दल के प्रवक्ता शेख मुशीर और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने दो दिन पहले रायपुर कलेक्टर डॉ गौरव कुमार से मिलकर रेस्क्यू एजेंसियों की क्षमता बढ़ाने की मांग उठाई थी। आज शनिवार को छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी के चेयरमैन इदरीस गांधी ने सीएम विष्णुदेव साय को पत्र  लिखकर इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

इदरीस गांधी ने कहा कि इतनी गहराई वाले क्षेत्र में खोज के लिए विशेषज्ञ तकनीकी संसाधनों की आवश्यकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि भारतीय नौसेना के प्रशिक्षित डीप डाइवर्स अथवा केंद्रीय विशेषज्ञ टीम को तत्काल मौके पर बुलाया जाए तथा Underwater ROV, SONAR और हाई-डेप्थ कैमरा जैसे उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, ताकि गहराई में वैज्ञानिक तरीके से सर्च ऑपरेशन चलाया जा सके।

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