कोल लेवी स्कैम में ईओडब्लू का छठवां पूरक चालान पेश… विधायक देवेन्द्र, पूर्व विधायक चंद्रदेव समेत 12 आरोपी… नेताओं को 65 करोड़, अफसरों को 36 करोड़ रु मिलने का दावा
छत्तीसगढ़ के चर्चित कोल लेवी स्कैम में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा EOW ने रायपुर की विशेष अदालत में आज सोमवार 5 अक्टूबर को 6वाँ पूरक चालान पेश कर दिया है। इसे अंतिम चालान माना जा रहा है। चालान 9,500 पन्नों का है, जिसमें 12 आरोपी बनाए गए हैं। इनमे विधायक देवेंद्र यादव, विनोद तिवारी, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय, पीयूष साहू, पूर्व कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह, जोगेन्द्र सिंह,राहुल मिश्रा, आईएएस जेपी मौर्या, दीपेश टांक, पूर्व कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, रामप्रताप सिंह और सुनील अग्रवाल शामिल हैं।
इससे पहले, विशेष न्यायालय ने इस मामले में 9 मुख्य आरोपियों को समन जारी कर आज सुबह 10:30 बजे उपस्थित होने का निर्देश दिया था। इनमे लगभग सभी कोर्ट पहुंचे थे। ईओडब्लू ने सेकंड हाफ में चार्जशीट पेश की। वकीलों के मुताबिक EOW ने इस चार्जशीट में भी कई खुलासे किए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि कोयला परिवहनकर्ताओं से वसूली गई लेवी का 104.20 करोड़ रुपए तत्कालीन कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के ज़रिए कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में पहुंचाए गए थे। EOW के अनुसार कोल लेवी से वसूले गए पैसों में से नेताओं को 65 करोड़ और अफसरों को 36 करोड़ रुपए से ज्यादा मिले हैं। इस राशि का इस्तेमाल राजनीतिक फंड, चुनावों और प्रॉपर्टी खरीदने में किया गया।
चालान में कोल लेवी के तरीके (मोड्स ऑपरेंडी) का भी ज़िक्र है। इसके मुताबिक 2020 से 2022 के बीच खनिज विभाग की ऑनलाइन प्रणाली में बदलाव कर जिला खनिज अधिकारी (DMO) का मैन्युअल अनुमोदन अनिवार्य किया गया था। इसी की आड़ में 25 प्रति टन की वसूली की जाती थी, जिसका मुख्य सूत्रधार सूर्यकांत तिवारी था।



