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रेत के पहाड़ : पूरे छत्तीसगढ़ में बारिश से पहले इतनी रेत स्टोर कि 10-10 मीटर ऊंचे पहाड़ बना दिए… माइनिंग विभाग का ड्रोन सर्वे शुरू, ज़्यादा स्टॉक पर एक्शन

छत्तीसगढ़ सरकार ने रेत और अन्य खनिजों के अवैध उत्खनन, संग्रहण और परिवहन को रोकने के लिए ड्रोन आधारित निगरानी और 3D मैपिंग प्रणाली लागू की है। खनिज संचालक रजत बंसल (IAS) के निर्देश के बाद केंद्रीय उड़नदस्ते ने मिली शिकायतों के आधार पर 21 जून को रात में हसदेव नदी और आसपास निरीक्षण किया। इसमें रेत स्टोरेज की जांच भी की गई। मौके पर रेत की मात्रा ड्रोन सर्वे से मापी गई तो स्टोरेज अनुमति से बहुत अधिक पाया गया। संबंधित रेत भंडारणकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस देकर तीन दिन में जवाब मांगा गया है। 
अधिकृत सूत्रों ने बताया कि मुख्य खनन क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए हवाई सर्वेक्षण किया जा रहा है ताकि तय सीमा से अधिक या बिना अनुमति के हो रहे रेत संग्रहण (स्टोरेज) और अवैध माइनिंग को रीयल-टाइम में ट्रैक किया जा सके। ड्रोन मैपिंग और हाई-रिज़ॉल्यूशन एयरो सर्वेक्षण (High-Resolution Aerial Surveys) की मदद से यह जांचा जा रहा है कि रेत का खनन और संग्रहण आवंटित पट्टा (Lease Area) के भीतर हो रहा है या बाहर। प्रथम चरण में रायपुर सहित प्रमुख खनिज बहुल जिलों में 5 विशेष ड्रोन यूनिट तैनात किए गए हैं।  ड्रोन कैमरों से मिलने वाले डेटा की मदद से खनिज विभाग ओवरलोडिंग, बिना रॉयल्टी के परिवहन और अवैध रेत स्टॉक (संग्रहण) पर सीधे नजर रख रहा है।
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