तेल महंगा होने की अफ़वाहों से “टंकियां” फुल करवाने की आपाधापी… इस “पैनिक बाइंग” से पंप ड्राई, स्टॉक होने का दावा
छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत और अफवाहों के बीच सीएम विष्णुदेव साय सरकार ने साफ किया है कि राज्य में ईंधन की कोई वास्तविक कमी नहीं है। जनता घबराकर ‘पैनिक बाइंग’ (Panic Buying) कर रहे हैं, इसलिए संकट दिख रहा है, जो अफ़वाह पर आधारित है। सरकारी सूत्रों ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताया है और तेल कंपनियों के साथ मिलकर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने का दावा किया है। रायपुर कलेक्टर डॉ गौरव कुमार ने द स्तम्भ से कहा कि घबराकर टंकिया फुल करवाने और डिब्बों में भरकर पेट्रोल डीजल इकट्ठा करने से बचें। ऐसा करने से हालात ठीक रहेंगे। प्रशासन ने जमाखोरी के शक में संदिग्ध पेट्रोल पंपों की जांच शुरू कर दी है। नियमों का उल्लंघन या ईंधन की कालाबाजारी करने वाले डीलरों के खिलाफ एफआईआर और लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी गई है।
राज्य शासन के खाद्य अफसरों ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ के पास पर्याप्त बफर स्टॉक है। पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते फैली अफवाहों के कारण अचानक मांग बढ़ी है, जिससे कुछ पंप अस्थायी रूप से ‘ड्राई’ हुए हैं। जमाखोरी रोकने के लिए कई जिलों में अनौपचारिक या मौखिक निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके तहत बड़े ड्रम या केन में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक लगाई जा रही है और वाहनों के लिए भी एक निश्चित सीमा तय की जा रही है।



