बारूदी सुरंग धमाके में शहीद चार जवानों की राजकीय सम्मान से विदाई… आईआईडी डिमाइनिंग के दौरान हुआ था विस्फोट
छत्तीसगढ़ में कांकेर और नारायणपुर सीमा के अबूझमाड़ जंगलों में 2 मई को नक्सलियों की बारूदी सुरंग को निष्क्रिय करने अर्थात डी-माइनिंग के दौरान धमाके से शहीद हुए डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के चार जवानों को आज 3 मई को नारायणपुर पुलिस लाइन में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। शहीद निरीक्षक सुखराम वट्टी, आरक्षक कृष्णा कोमरा, आरक्षक संजय गढ़पाले और आरक्षक परमानंद कोमरा शनिवार को मरकाबेड़ा-आदनार के जंगलों में धमाके में शहीद हो गए थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
नारायणपुर पुलिस लाइन में रविवार सुबह शहीदों को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। एडीजी (नक्सल ऑपरेशन) विवेकानंद सिन्हा और बस्तर आईजी सुंदरराज पी सहित पुलिस के आला अधिकारियों ने शहीदों के पार्थिव शरीर को कंधा दिया और पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सभी जवानों के पार्थिव शरीर राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांवों के लिए रवाना कर दिया गया है, जहाँ उनका अंतिम संस्कार होगा। बता दें कि सुरक्षा बल की टीम नक्सलियों द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंग (आईईडी) को निष्क्रिय करने के लिए निकली थी, तभी अचानक एक शक्तिशाली विस्फोट हो गया।



