रायपुर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम जनवरी में… पहले कमिश्नर का नाम करीब फाइनल, चौंकाएगी सरकार… पुराने PHQ में ऑफिस
राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ का पहला पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। सूत्रों
के मुताबिक 31 दिसंबर को सीएम साय कैबिनेट की बैठक में कमिश्नरी सिस्टम का अध्यादेश फ़ाइनलाइज़ कर दिया जाएगा। साय सरकार की तैयारी जनवरी 2026 में रायपुर में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू करने की है। पुलिस कमिश्नर ऑफिस पुराने पीएचक्यू में रहेगा। बताते हैं कि छत्तीसगढ़ के पहले पुलिस कमिश्नर का नाम तय कर लिया गया है। जनवरी में सिस्टम लागू करने से ठीक पहले सरकार इस आईजी के नाम की घोषणा कर चौंकाएगी। चौंकाने वाली बात यह होगी कि जो नाम सबसे ज़्यादा चर्चा में होगा, उनके अलावा अचानक नया नाम आ सकता है। यह भी तय है कि रायपुर का पुलिस कमिश्नर सिस्टम भोपाल-इंदौर जैसा होगा। पहले ओडिशा के सिस्टम पर विचार चल रहा था। उसे रिजेक्ट किया गया क्योंकि पुलिस कमिश्नर को वहां बहुत ज़्यादा अधिकार हैं।
रायपुर में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद कमिश्नर को मजिस्ट्रियल अधिकार भी मिलेंगे। वे शस्त्र लाइसेंस जारी कर सकेंगे, धारा 144 लागू करने और जरूरत पड़ने पर कर्फ्यू लगाने जैसे निर्णय ले सकेंगे। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था से जुड़े फैसलों में तेजी आएगी। बता दें कि रायपुर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम के लिए साय सरकार ने एडीजी प्रदीप गुप्ता की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की थी। समिति ने महाराष्ट्र, ओडिशा, मध्यप्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों के मॉडल का अध्ययन कर प्रस्ताव तैयार किया, जिसे डीजीपी और गृह विभाग को सौंपा गया। इसी रिपोर्ट के आधार पर कानून का मसौदा तैयार किया गया है।
सूत्रों के अनुसार कमिश्नरी सिस्टम को स्थायी और मजबूत बनाने के लिए विशेष कानून का प्रावधान किया गया है, ताकि भविष्य में इसे प्रदेश के अन्य शहरों में भी लागू किया जा सके। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के चार बड़े शहरों में यह व्यवस्था पहले से लागू है।



